ट्रैफिक पोस्ट बनाने में करोड़ों का घपला. - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

बुधवार, 22 जून 2011

ट्रैफिक पोस्ट बनाने में करोड़ों का घपला.


पटना के ट्रैफिक पोस्ट बनाने और उस पर विज्ञापन लगाने की आड़ में करोड़ों का घपला हुआ है! पोस्ट बनाने वाली कंपनी ने खुद के मालामाल होने के पूरे जतन किये और ट्रैफिक पुलिस के हिस्से को भी हड़प लिया। ट्रैफिक पोस्ट पर विज्ञापन लगाने में धांधली की गई और पुलिस के हिस्से पर भी हाथ साफ कर दिया।

 पोस्ट पर खड़ा जवान अंधेरे में और छतरी पर लगा होर्डिग रोशनी से जगमग। जब ट्रैफिक पोस्ट के निर्माण और विज्ञापन आदि से जुड़ी फाइलों को आला अफसरों ने खंगाला तो हकीकत देख कर दंग रह गये। दरअसल 10 जनवरी 2006 को तत्कालीन ट्रैफिक एसपी और एक प्राइवेट कंपनी ‘क्राफ्ट’ के बीच ट्रैफिक पोस्ट के निर्माण को लेकर एग्रीमेंट हुआ था। इसके तहत राजधानी की हृदयस्थली डाकबंगला चौराहा समेत 14 स्थानों पर ट्रैफिक पोस्ट का निर्माण किया गया था।

कुल 20 बिंदुओं पर एग्रीमेंट हुआ था जिनमें 19 शर्तो से जुड़ी थी। एग्रीमेंट के मुताबिक निर्माण के बाद ट्रैफिक पोस्ट के 60 प्रतिशत ऊपरी भाग का इस्तेमाल कर कंपनी को 10 वर्षो तक विज्ञापन लगाना था। नीचे से 40 प्रतिशत जगह ट्रैफिक पुलिस के स्लोगन आदि के लिए रहेगा। पर असलियत यह है कि पोस्ट के ऊपरी 80 प्रतिशत से भी अधिक जगह पर विज्ञापन लगा है। पुलिस के लिए 10 से 15 प्रतिशत जगह ही छोडेम् गये हैं।
पोस्ट के ऊपर में 6 ईंच ऊंचे और 4 इंच चौडे होर्डिंग-बोर्ड लगाने थे। इसकी जगह बडे-बडे होर्डिग लगाये गये हैं। इसकी पुष्टि करते हुए मंगलवार को सिटी एसपी शिवदीप लांडे ने बताया कि क्राफ्ट कंपनी को ही ट्रैफिक पोस्ट की बिजली की व्यवस्था करनी थी पर उसने होर्डिग की रोशनी के अलावा अन्य जगहों पर ध्यान नहीं दिया। शर्तो के तहत कंपनी को हर वर्ष ट्रैफिक जागरूकता अभियान के लिए 5 हजार रुपये के पंपलेट-बुकलेट आदि छपवा कर बांटने थे पर वह इसमें भी पीछे रही।

‘एग्रीमेंट की अधिकांश शर्तो का पालन नहीं किया गया है। इसको लेकर कोतवाली थानांतर्गत फ्रेजर रोड की कंपनी क्राफ्ट के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। आने वाले दिनों में एग्रीमेंट खत्म करने से लेकर एफआईआर तक की कार्रवाई हो सकती है।’ -शिवदीप लांडे, सिटी एसपी सह प्रभारी ट्रैफिक एसपी इन 14 स्थानों पर हुआ था ट्रैफिक पोस्ट का निर्माण :- चिरैयाटांड़ पुल (उत्तरी व दक्षिणी छोर), भट्टाचार्या रोड मोड़, एक्जीबिशन रोड मोड़, एसपी वर्मा रोड मोड़,  डाकबंगला चौराहा, कोतवाली टी, वोल्टास मोड़, बेली रोड-बोरिंग रोड क्रॉसिंग, हडताली मोड़ , न्यू सचिवालय मोड़, आईपीएस मेस मोड़, ललित भवन मोड़, बाकरगंज क्रॉसिंग

कोई टिप्पणी नहीं: