दो दिन पहले इस्लामाबाद से लापता हुए पाकिस्तानी पत्रकार सयद सलीम शहज़ाद का शव मिल गया है और उन्हें अज्ञात लोगों ने हिंसा कर मार दिया था.
इस्लामाबाद पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मोहम्मद शफ़ीक़ ने उनकी मौत की पुष्टि की और कहा कि सलीम शहज़ाद को उनकी तस्वीरों और कपड़ों से पहचान लिया गया है.
सलीम शहज़ाद एक न्यूज़ वेबसाइट ‘एशिया टाइम्स’ के लिए काम करते थे और बताया जा रहा है कि उन्होंने अपनी ख़बर में पाकिस्तानी नौसेना के कुछ अधिकारियों और चरमपंथी गुट अल-क़ायदा के बीच कथित तौर पर संबंधों का उल्लेख किया था. सयद सलीम शहज़ाद के एक रिश्तेदार अमीर हम्ज़ा ने बीबीसी को बताया कि वे रविवार शाम को इस्लामाबाद से उस समय ग़ायब हो गए थे जब वे एक टीवी चैनल में इंटरव्यू देने जा रहे थे.
उन्होंने बताया, “हमारे पास अभी तक कोई जानकारी नहीं है कि सलीम शहज़ाद को किसने अग़वा किया था लेकिन पाकिस्तान में जब भी इस प्रकार की घटनाएँ हुई हैं तो उसमें ख़ुफ़िया एजेंसियों का ही हाथ होता है.” बाइस मई को कराची में कुछ चरमपंथियों ने नौसेना के ठिकाने पर हमला कर दिया था जिसमें 10 सुरक्षाकर्मी मारे गए थे और चरमपंथियों ने दो विमानों को भी नष्ट कर दिया था. हमले के बाद कुछ स्थानीय मीडिया ने ख़बरें प्रकाशित की थी कि हमलावरों को नौसेना अड्डे के भीतर से ही कोई मदद मिली होगी.
सलीम शहज़ाद ने भी अपनी ख़बर में लिखा था कि नौसेना ने अपने कुछ अधिकारियों को हिरासत में लिया था जिन पर अल-क़ायदा से संबंध के आरोप थे और अल-क़ायदा उन अधिकारियों को रिहा करवाने के लिए नौसेना से बातचीत कर रही थी. उन्होंने लिखा था कि नौसेना और अल-क़ायदा के बीच बातचीत नामाक होने के बाद चरमपंथियों ने कराची में नौसेना के अड्डे पर हमला किया था. उन्होंने यह भी लिखा था कि नौसेना और अल-क़ायदा के बीच बातचीत की नाकामी के बाद नौसेना को हमलों की धमकियाँ भी मिली थी. पत्रकारों और मानवाधिकारों के लिए काम करने वाली संस्थाओं ने पत्रकार सयद सलीम शहज़ाद के लापता होने की कड़ी आलोचना की है और उनकी तुरंत रिहाई की मांग की है

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