देश की अग्रणी इस्पात उत्पादक कंपनी टाटा स्टील ने कहा कि आगामी चार पांच वर्षों में कंपनी हजारों लोगों को प्रत्यक्ष और परोक्ष रोजगार देगी तथा अकेले उड़ीसा की कलिंग नगर परियोजना में ही आठ से दस हजार लोगों को रोजगार दिया जाएगा।
कंपनी के प्रबंध निदेशक हेमंत नेरूरकर ने पत्रकारों से कहा कि जमशेदपुर संयंत्र की विस्तारीकरण परियोजना आगामी जनवरी से चरणबद्ध ढंग में पूरी जाएगी। इसके बाद उड़ीसा में कलिंग नगर की 60 लाख टन सालाना क्षमता वाली परियोजना को पूरा किया जाएगा। इन परियोजनाओं में हजारों लोगों का प्रत्यक्ष और परोक्ष रोजगार मिलेगा। जमशेदपुर परियोजनों के विस्तारीकरण से शहर में प्रदूषण नहीं बढ़ेगा क्योंकि कंपनी इसके प्रति सजग है।
उन्होंने कहा कि फिलहाल टाटा स्टील के झारखंड के दूसरे ग्रीनफील्ड संयंत्र, छत्तीसगढ़ और कर्नाटक परियोजना में अधिक प्रगति नहीं हुई है। झारखंड में भूमि अधिग्रहण लौह अयस्क और पुनर्वास नीति जैसे कुछ मुद्दे हैं। उनमें प्रगति होने पर ही काम आगे बढ़ेगा। वहां हम संयंत्र लगाने के लिए लोगों पर कोई जबरदस्ती नहीं करेंगे। कर्नाटक में भूमि मिली है लेकिन अयस्क के मामले में काम हो रहा है। छत्तीसगढ़ में भी सरकार ने हमे खदान दे दिया है।
जमशेदपुर संयंत्र का विस्तारीकरण कर इसकी क्षमता को 70 लाख टन से करीब एक करोड़ टन सालाना किया जा रहा है। इस सयंत्र में फिलहाल लगभग साढ़े सोलह हजार कर्मी हैं। इसके साथ ही कंपनी उड़ीसा के गोपालपुर में भी 50 हजार टन क्षमता वाला फेरो क्रोम संयंत्र तथा 6 लाख टन क्षमता वाली रालिंग मिल लगा रही है।

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