बाबा की कंपनियों पर ताला लगने की सम्भावना. - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

सोमवार, 8 अगस्त 2011

बाबा की कंपनियों पर ताला लगने की सम्भावना.


योग गुरू बाबा रामदेव का कारोबारी साम्राज्‍य बिखर सकता है। खबर है कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने उनके सबसे करीबी सहयोगी आचार्य बालकृष्‍ण के खिलाफ मनी लाउड्रिंग (अवैध धन को वैध बनाने) रोकने के लिए बने कानून के तहत कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है।

राजस्‍व विभाग के सूत्रों के मुताबिक इस दिशा में जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। अगर ऐसा हुआ तो रामदेव के ट्रस्‍ट के तहत चलने वाली जिन कंपनियों का मालिकाना बालकृष्‍ण के पास है, उसका कारोबार अस्‍थायी तौर पर बंद करना पड़ सकता है। इन कंपनियों की संपत्ति भी जब्‍त हो सकती है।

बताया जाता है कि आचार्य करीब ढाई दर्जन कंपनियों के मुख्‍य कर्ताधर्ता हैं और आस्‍था चैनल जैसे कई वेंचर्स में उनका मालिकाना भी है। धार्मिक कार्यक्रम दिखाने वाले 'आस्‍था' चैनल में 99 फीसदी शेयर आचार्य बालकृष्‍ण के ही बताए जाते हैं। बालकृष्‍ण रामदेव की जिन कंपनियों का कामकाज देख रहे हैं उनमें हरिद्वार स्थित 500 करोड़ रुपये की पतंजलि फूड एंड हर्बल पार्क भी शामिल है। हालांकि पंतजलि आयुर्वेद लिमिटेड के वाइस प्रेसिडेंट सी एल कमल समेत कई शीर्ष कर्मचारियों के कंपनी छोड़ने से रामदेव के कारोबार विस्‍तार की योजना को झटका लगा है।

सूत्र बताते हैं कि करीब 20-30 नए उत्‍पाद शुरू करने की योजना अनिनिश्‍चतकाल के लिए स्‍थगित करनी पड़ी है। पतंजलि परिवहन लिमिटेड और पतंजलि हाइड्रोपॉनिक्‍स लिमिटेड जैसी कई कंपनियों का भविष्‍य अनिश्चित है। आचार्य पर अभी फर्जी दस्‍तावेज के आधार पर पासपोर्ट हासिल करने का मुकदमा चल रहा है। जानकार बताते हैं कि पासपोर्ट कानून का उल्‍लंघन मनी लाउड्रिंग एक्‍ट के तहत भी अपराध है। इसलिए ईडी इस कानून के तहत कार्रवाई कर सकता है।

कोई टिप्पणी नहीं: