सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को व्यवस्था दी कि कोई भी परीक्षार्थी सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत उत्तरपुस्तिका देख सकता है। अदालत ने कहा कि आरटीआई के तहत मूल्यांकन के बाद उत्तरपुस्तिका ‘सूचना’ की परिभाषा के अंदर आती है।
जस्टिस आरवी रवींद्रन और एके पटनायक की बेंच ने मंगलवार को सीबीएसई,वेस्ट बंगाल बोर्ड आफ सेंकेंडरी एजुकेशन, वेस्ट बंगाल सेंट्रल स्कूल सर्विसेज कमीशन, वेस्ट बंगाल काउंसिल फॉर हायर एजुकेशन, कलकत्ता विवि और इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेंट्स की वह याचिका खारिज कर दी जिसमें उन्होंने कलकत्ता हाईकोर्ट के 5 फरवरी, 2009 के एक आदेश को चुनौती दी थी।
हाईकोर्ट ने कुछ छात्रों को अपने आदेश में उत्तरपुस्तिकाएं देखने की अनुमति दी थी। अंतत: शीर्ष अदालत ने हाईकोर्ट के आदेश से सहमति जताते हुए यह आदेश दिया। अदालत ने कहा कि परीक्षा लेने वाली संस्थाएं छात्र को उत्तरपुस्तिका देखने से वंचित नहीं सकतीं। असम पब्लिक सर्विस कमीशन और बिहार पब्लिक सर्विस कमीशन ने भी उत्तरपुस्तिका दिखाने का विरोध किया था।

1 टिप्पणी:
ye bahut hi very very good h ...thanks rti..thanks court..it is a freedom....jai ho...vp singh jaipur byp ... rcp patrika...
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