वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी ने रविवार को कहा कि सरकार डीजल और एलपीजी गैस की कीमत को नियंत्रण मुक्त करने को लेकर गंभीर हैं, लेकिन गरीबों को सस्ती दर पर केरोसिन मिलना जारी रहेगा। यदि ऐसा हुआ तो पेट्रोल के बाद डीजल और एलपीजी गैस की कीमत भी बाजार तय करेगा। इससे यह दोनों पेट्रोलियम उत्पाद और महंगे हो जाएंगे।
पेट्रोल की कीमत नियंत्रणमुक्त है। सरकार डीजल, केरोसिन तथा एलपीजी लागत से कम मूल्य पर बेचने के कारण तेल कंपनियों को नुकसान की भरपाई प्रत्यक्ष या परोक्ष तरीके से सब्सिडी या तेल बांड के जरिए करती है। वित्त मंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत जुलाई में बढ़कर 116-118 डॉलर बैरल हो गई। जून में यह 110 डॉलर बैरल थी। इसका असर भारत पर पड़ेगा। हम अपनी तीन-चौथाई जरूरतों को आयात से पूरा करते हैं। सरकार ईंधन तथा उर्वरक सब्सिडी पर हर साल करीब 73,637 करोड़ रुपए खर्च करती है।

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