संसद के मानसून सत्र की पूर्व संध्या पर रविवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि विपक्ष संसद में 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन का मुद्दा उठाने की फिराक में है, लेकिन उसे न्यायालय में विचाराधीन मामले पर बहस नहीं करनी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि विपक्ष के पाले में कई गुप्त घोटाले हैं।
मनमोहन सिंह लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार के संयोजन में बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में भाग लेने के लिए संसद भवन पहुंचे। इस आयोजन से इतर उन्होंने संवाददाताओं से कहा, "हम भ्रष्टाचार के मुद्दे पर बहस से चिंतित नहीं हैं। विपक्ष के पास भी शर्मिंदगी उठाने के लिए कई मुद्दे हैं। हम संसद में किसी मुद्दे पर चर्चा से भयभीत नहीं हैं।"
सिंह ने कहा, "कुछ मामले अदालत में विचाराधीन हैं और कुछ की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) कर रही है। मैं उम्मीद करता हूं कि जो मामले अदालत में हैं उनका फैसला अदालत पर छोड़ देना चाहिए और हमें इन पर पूर्व में बहस नहीं करनी चाहिए।" प्रधानमंत्री की यह टिप्पणी तब आई है जब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीमके) ने पूर्व संचार मंत्री ए. राजा के बयान के बाद उन पर निशाना साधा। राजा ने अदालत में बयान दिया था कि प्रधानमंत्री तथा केंद्रीय गृहमंत्री पी. चिदम्बरम दोनों को 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी थी।
संसद में विचार के लिए 'कमजोर' लोकपाल विधेयक को कैबिनेट की मंजूरी मिलने के विरोध में सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे की 16 अगस्त से अनशन करने की चेतावनी के बारे में पूछे जाने पर प्रधानमंत्री ने कहा कि इस विधेयक का भाग्य संसद तय करेगी। प्रधानमंत्री के पद को लोकपाल के दायरे में लाने की सामाजिक संगठनों के सदस्यों की मांग के बारे में पूछे जाने पर सिंह ने कहा, "हमारी सरकार ने सभी कारकों को ध्यान में रखते हुए इस मुद्दे पर अपना विचार दिया है। यह उचित नहीं होगा कि प्रधानमंत्री को पद पर रहते हुए लोकपाल के दायरे में लाया जाए।"
तेलंगाना राज्य गठन की मांग के समर्थन में आंध्र प्रदेश के तेलंगाना क्षेत्र के सांसदों और विधायकों के इस्तीफे की बाबत पूछने पर मनमोहन सिंह ने उम्मीद जताई कि सरकार इस पर काबू पा लेगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने कहा, "मैं आशा करता हूं कि संसद का यह सत्र शांतिपूर्ण और रचनात्मक रहेगा। संसद देश की सर्वोच्च लोकतांत्रिक संस्था है।"

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