हिन्दी सिनेमा जगत के महान कलाकार अभिनेता शम्मी कपूर को श्रधांजलि। वर्ष 1950-60 के दशक के सदाबहार अभिनेता शम्मी कपूर का रविवार सुबह मुम्बई में निधन हो गया। वह 79 वर्ष के थे।
शम्मी कपूर के निधन की खबर पारिवारिक सदस्यों द्वारा दी गई। उन्होंने सुबह पांच बजे मुम्बई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में अंतिम सांस ली। शम्मी जी के निधन पर बॉलीवुड ने शोक जताया है। गीतकार जावेद अख्तर ने शम्मी जी को याद करते हुए कहा कि वह सिर्फ एक स्टार नहीं थे। सभी उनकी बहुत इज्जत करते हैं और उन्होंने इस जनरेशन के साथ भी बखूबी तालमेल बिठकर रखा था। वह तकनिकी रूप से बहुत ही जागरूक व्यक्ति थे। उन्हें कंप्यूटर चलाना अच्छी तरह से आता था।
गुजरे ज़माने के मशहूर विलेन प्रेम चोपड़ा ने शम्मी कपूर के निधन पर आश्चर्य जताते हुए कहा कि वह एक ऐसे अभिनेता थे जो जानते थे कि स्वास्थ्य उनका साथ नहीं दे रहा मगर अंतिम समय तक उन्होंने हार नहीं मानी और लड़ते रहे। उन्होंने अंतिम समय तक जिंदगी को भरपूर जिया।
महेश भट्ट ने कहा कि शम्मीजी एक शानदार इंसान थे जिनमें टेलेंट कूट कूटकर भरा हुआ था। वह सच्चे इंटरटेनर थे और उन्हें भारत का एल्विस प्रेस्ले कहा जाए तो गलत न होगा। वह हमेशा उत्साह से भरपूर नजर आते थे और मैंने उनके साथ थियेटर में काम करते हुए काफी वक्त बिताया। शम्मी कपूर के साथ कई फिल्मों में काम कर चुकी शर्मीला टैगोर ने कहा कि उनके जाने से एक युग का अंत हो गया। उनका अलग ही अंदाज था जो उनके जाने से अब समाप्त हो जाएगा। मैंने कश्मीर की कली में उनके साथ काम करके बॉलीवुड में कदम रखा, मुझे उनके निधन का बहुत दुःख है।

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