वैश्विक आतंकवाद पर तैयार एक अमेरिकी रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान स्थित कई प्रतिबंधित आतंकवादी समूह कश्मीर में सक्रिय हैं और वे भारत पर हमला करने की योजना बनाते रहते हैं।
प्रमुख आतंकवादी संगठनों में लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हरकत उल-मुजाहिद्दीन शामिल हैं, जिनके सैकड़ों सशस्त्र समर्थक कश्मीर में उपस्थित हैं। गौरतलब है कि लश्कर मुख्य रूप से कश्मीर को केंद्रित कर अपनी गतिविधियां चलाता है और साल 2001 में इसे विदेशी आतंकवादी संगठन घोषित किया गया था।
अमेरिकी विदेश विभाग की वार्षिक रिपोर्ट में कहा गया है ये गतिविधियां पहले से ही नाजुक क्षेत्रीय संबंधों को और ज्यादा अस्त-व्यस्त करने की क्षमता रखती हैं। लश्कर के ज्यादातर सदस्य पाकिस्तानी, अफगान या फिर अफगान युद्ध के लड़ाके हैं। यह समूह राइफल, हल्की और भारी मशीनगन, मोर्टार, विस्फोटक और रॉकेट से छोड़े जाने वाले ग्रेनेड का इस्तेमाल करता है। इसके अलावा यह संगठन पाकिस्तान में प्रशिक्षण शिविर, स्कूल और चिकित्सा केंद्रों का संचालन भी करता है।
रिपोर्ट कहती है कि लश्कर के वैश्विक संपर्क हैं और पूरे दक्षिण एशिया में इसका एक मजबूत नेटवर्क है।
दूसरी तरफ, पाकिस्तान के मुजफ्फराबाद, रावलपिंडी और कई अन्य शहरों में स्थित हरकत उल-मुजाहिददीन (एचयूएम) मुख्य रूप से कश्मीर और अफगानिस्तान में आतंकवादी और चरमपंथी अभियानों को अंजाम देता है। यह अपने आतंकवादियों को पाकिस्तान और अफगानिस्तान में प्रशिक्षित करता है। साल 1997 में विदेशी आतंकवादी संगठन घोषित किए गए एचयूएम ने कश्मीर में भारतीय बलों के खिलाफ कई अभियान चलाए हैं और नागरिकों को निशाना बनाया है। इसके सैकड़ों समर्थक पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके), कश्मीर के दक्षिणी भाग, डोडा क्षेत्र और घाटी में सक्रिय हैं। एचयूएम के आतंकवादियों के बारे में रिपोर्ट कहती है इसके ज्यादातर समर्थक पाकिस्तानी और कश्मीरी हैं, लेकिन इसमें अफगान युद्ध के अफगान और अरब लड़ाके भी शामिल हैं।

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें