योग गुरु बाबा रामदेव पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और सीबीआई का शिकंजा कसने लगा है। ईडी ने ब्रिटेन सरकार से संपर्क साध कर विदेश में रामदेव के द्वीप के बारे में जानकारी चाही है। उधर, देहरादून में सीबीआई ने बाबा के सबसे करीबी सहयोगी आचार्य बालकृष्ण से पूछताछ की है। रामदेव के ट्रस्ट पतंजलि योगपीठ ट्रस्ट के नाम स्कॉटलैंड में एक द्वीप हे। बाबा का कहना है कि यह उनके एक भक्त ने तोहफे में दिया है। लेकिन ऐसी चर्चा है कि यह भक्त बाबा का कारोबारी साझेदार है। ईडी इस बारे में सारी जानकारी जुटा रहा है। इसी सिलसिले में सच्चाई जानने के लिए ईडी ने ब्रिटिश सरकार से ब्यौरा मांगा है।
दो बार पेश नहीं होने के बाद हाईकोर्ट के आदेश पर बुधवार को आचार्य बालकृष्ण देहरादून में सीबीआई दफ्तर पहुंचे। खबर है कि सीबीआई के दस अफसर आचार्य से सवाल पूछ रहे हैं। सीबीआई लगातार पांच दिन सुबह से शाम तक आचार्य से पूछताछ कर सकती है। इसके लिए 50 से भी ज्यादा सवाल तैयार किए गए हैं। आचार्य पर फर्जी डिग्री और जन्म प्रमाणपत्र के आधार पर पासपोर्ट हासिल करने के आरोप में केस दर्ज है।
बालकृष्ण तैयारी के साथ सीबीआई के पास पहुंचे हैं। पिछले दिनों वह लगातार अपने वकीलों से राय-मशविरा करते रहे हैं। मंगलवार को आचार्य के दफ्तर में देर तक काम हुआ। वकीलों और सीए के साथ आचार्य विचार-विमर्श करते रहे। आचार्य बालकृष्ण पर फर्जी शैक्षणिक प्रमाण पत्र बनवाने और उनके आधार पर पासपोर्ट बनवाने का आरोप है। उत्तराखंड हाई कोर्ट ने 29 जुलाई को बालकृष्ण की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी और सीबीआई के सामने पेश होने के लिए उन्हें 3 अगस्त तक का समय दिया था। आचार्य बालकृष्ण दिव्य योग मंदिर ट्रस्ट से 25 जुलाई को 'लापता' हो गए थे। इससे एक दिन पहले सीबीआई ने बालकृष्ण के खिलाफ धोखेबाजी और साजिश रचने के आरोप में मामला दर्ज किया था।

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