मजबूत लोकपाल बिल के लिए अनशन पर अटल अन्ना हजारे की गिरफ्तारी तय लग रही है। 16 अगस्त से अनशन का ऐलान करने वाले अन्ना की टीम ने जेपी पार्क में अनशन की इजाजत देने की 22 शर्तों में से 16 शर्तें ही मंजूर की हैं जिसपर दिल्ली पुलिस ने अनशन की इजाजत नहीं दी है।
पुलिस ने कहा है कि सभी शर्तें नहीं मानी गईं तो ही अनशन की इजाजत नहीं मिलेगी। टीम अन्ना ने दिल्ली पुलिस को हलफनामा देकर कहा कि उसे दिल्ली पुलिस की सभी शर्तें मंजूर नहीं हैं। टीम अन्ना ने यह भी कहा कि अन्ना अनशन जरूर करेंगे और और इस दौरान पुलिस उन्हें गिरफ्तार करती है तो पीछे नहीं हटने वाले हैं और जेल से ही अनशन करेंगे।
स्पेशल सीपी धर्मेंद्र प्रकाश ने एक टीवी चैनल से बातचीत में कहा कि यदि टीम अन्ना ने सभी शर्तें नहीं मानी तो अन्ना को गिरफ्तार भी किया जा सकता है। दिल्ली पुलिस के ज्वाइंट कमिश्नर सुधीर यादव ने कहा कि यदि टीम हजारे जेपी पार्क में अनशन करती है तो इसे गैरकानूनी माना जाना जाएगा। उन्होंने कहा, ‘हमनें उन्हें अनशन करने से मना कर दिया है।’ अन्ना और उनके समर्थकों ने मंगलवार को सुबह आठ से 9 बजे के बीच मयूर विहार से जेपी पार्क जाने की योजना तैयार की है। हालांकि अभी तक पार्क पूरी तरह बंद है। प्रस्तावित अनशन स्थल जेपी पार्क तथा उसके आसपास धारा 144 लागू कर दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि स्वतंत्रता दिवस के सुरक्षा इंतजामों के तहत ऐसा किया गया है।
गांधीवादी कार्यकर्ता अन्ना हजारे आज राजघाट पहुंचे और मंगलवार से शुरू हो रहे अनशन से पहले बापू की समाधि के पास बैठकर प्रार्थना की। उम्मीद है कि अन्ना के सहयोगी और समर्थक भी यहां पहुंच सकते हैं। पुलिस भी मौके पर पहुंच गई है। अन्ना के राजघाट जाने के कार्यक्रम में पुलिस प्रशासन को भनक तक नहीं लगी। अन्ना के सहयोगी मनीष सिसौदिया ने कहा कि भ्रष्ट नेता और अफसर पुलिस को ढाल बना रहे हैं। अन्ना का अनशन पूर्व निर्धारित कार्यक्रम पर होकर रहेगा। यदि अनशन स्थल पर धारा 144 लागू किया जाता है तो हम इसे तोड़कर अनशन करेंगे और इसके लिए गिरफ्तारी देने को भी तैयार हैं। टीम अन्ना के सदस्य और वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने कहा कि यदि अनशन की इजाजत नहीं दी जाती है तो कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।
टीम अन्ना के सहयोगी अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली पुलिस की शर्तों को पूरी तरह गैर लोकतांत्रिक और असंवैधानिक करार दिया है। उन्होंने आज यहां पत्रकारों से कहा, ‘जब कोई राजनीतिक दल लाख डेढ़ लाख लोगों की रैली करता है तो उसे इजाजत नहीं लेनी पड़ती तो हमारे अनशन पर इतनी शर्तें क्यों लादी जा रही हैं।’ उन्होंने कहा कि अनशन निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक शुरू होगा और यदि इसे कुचलने की कोशिश की गई तो हमारे सामने अदालत का दरवाजा खटखटाने सहित सभी विकल्प खुले हैं। हम गिरफ्तारी भी देने के लिए तैयार हैं।'
बाबा रामदेव ने पीएम को चिट्ठी लिखकर अनुरोध किया है कि जैसा सलूक उनके साथ हुआ, वैसा अन्ना हजारे के साथ न हो। गौरतलब है कि जंतर-मंतर पर अन्ना के अनशन के वक्त रामदेव भी मंच पर मौजूद थे। इसके बाद योगगुरु ने खुद भ्रष्टाचार के खिलाफ रामलीला मैदान में अनशन शुरू किया लेकिन पुलिस ने उन्हें आधी रात में अनशनस्थल से उठवाकर हरिद्वार भेज दिया था।

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