उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ एक बार फिर प्रदर्शनों और आंदोलन की भूमि बनती जा रही है। प्रदेश सरकार के खिलाफ सोमवार को प्रदर्शन करने वाले कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर जमकर लाठीचार्ज के बाद मंगलवार को नंबर लगा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं का।
विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता माया सरकार के खिलाफ अपनी मांगों को लेकर विधानभवन की ओर बढ़ रहे थे, तभी पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोक लिया और लाठियां भांजनी शुरू कर दीं। इस दौरान एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने पथराव किया और वाहन भी तोड़े। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है।
सोमवार को चारबाग इलाके में बाल संग्रहालय में कांग्रेस ने ललकार सम्मेलन का आयोजन किया। इस अवसर पर युवक कांग्रेस अध्यक्ष राजीव सताव और महामंत्री वीरेन्द्र सिंह राठौर के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने चारबाग से राजभवन कूच करने का प्रयास किया लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया। पुलिस ने कार्यकर्ताओं को केकेसी चौराहे के निकट ही रोक दिया।
कार्यकर्ताओं ने इसके विरोध में पुलिस पर अण्डे फेंके और पथराव शुरु कर दिया। पुलिस ने कांग्रेसियों को तितर बितर करने के लिए पहले पानी की बौछारें मारीं उस पर भी जब बात नहीं बनी तो पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। पुलिस व युवक कांग्रेस के कार्यकतों के बीच हुए इस संघर्ष में कई लोगों को चोटें आयीं जिसमें कुछ पुलिस कर्मी भी थे। संघर्ष में करीब बीस लोग घायल हुए जबकि कई लोगों को हल्की चोटें आयीं। पुलिस ने करीब चालीस कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। युवक कांग्रेस अध्यक्ष राजीव सताव ने लाठीचार्ज के लिए पुलिस को जिम्मेदार ठहराते हुए इस संघर्ष के लिए राज्य सरकार की आलोचना की।

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