कर्नाटक में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के दूसरे मुख्यमंत्री डी.वी. सदानंद गौड़ा ने सोमवार को अपने मंत्रिमंडल में 21 मंत्रियों को शामिल किया। अन्य 12 मंत्रियों का पद पार्टी के अंदर प्रतिद्वंद्वी गुटों में मतभेद के कारण रिक्त छोड़ दिया गया।
मंत्रिमंडल में शामिल किए गए सभी 21 मंत्री बी.एस. येदियुरप्पा के नेतृत्व वाली पूर्ववर्ती सरकार में भी मंत्री रह चुके हैं। येदियुरप्पा ने अवैध खनन पर लोकायुक्त की रिपोर्ट में अपना नाम आने के बाद 31 जुलाई को पद छोड़ दिया था।
सदानंद गौड़ा के मुख्यमंत्री का पद संभालने के चार दिन बाद 21 मंत्रियों ने राजभवन में पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। नए मंत्रिमंडल में खनन व्यवसायी रेड्डी बंधुओं एवं उनके सहयोगी बी. श्रीरामुलू को शामिल नहीं किया गया, क्योंकि अवैध खनन पर लोकायुक्त की रिपोर्ट में इनके भी नाम हैं।
जी जनार्दन रेड्डी , जी. करुणाकर, जी. सोमाशेखर और श्रीरामुलू तथा उनके कई समर्थक शपथ ग्रहण समारोह से दूरी बनाए रहे। जनार्दन और करुणाकर येदियुरप्पा सरकार में मंत्री थे। राज्यपाल हंसराज भारद्वाज ने सभी 21 मंत्रियों को शपथ दिलाई। इनमें जगदीश शेट्टर, आर.अशोका, वी.एस. आचार्य, सी.एम. उदासी, गोविंद कराजोल, सुरेश कुमार, शोभा करांदलाजे, विश्वनाथ हेगड़े कागेरी, एस.ए. रवींद्रनाथ, उमेश कट्टी, बासवराज बोम्मई, मुरुगेश निरानी, एस.ए. रामदास, रेवू नाइक बेलामागी, लक्ष्मण सवाडी, बी.एन. बच्चे गौड़ा, एम.पी. रेणुकाराचार्य, वी. सोमन्ना, कृष्णा पालेमर, सी.सी. पाटील और ए. नारायणस्वामी शामिल हैं।
मंत्रियों के ऊंची आवाज में पद एवं गोपनीयता की शपथ लेने और उनके समर्थकों की नारेबाजी से माहौल में बेसुरापन छाया रहा। सदानंद गौड़ा मंच पर भारद्वाज के साथ खड़े थे, जबकि उनके पूर्ववर्ती येदियुरप्पा दर्शक दीर्घा की पहली पंक्ति में बैठे थे। समझा जाता है कि गौड़ा मंत्रियों के विभागों की घोषणा सोमवार को करेंगे। शपथ ग्रहण समारोह से ठीक दो घंटे पहले गौड़ा ने संवाददाताओं से कहा कि मंत्रिमंडल में अभी 21 मंत्रियों को शामिल किया जाएगा और शेष मंत्रिपद एक सप्ताह के अंदर भरे जाएंगे। संवैधानिक प्रावधानों के तहत कर्नाटक में मुख्यमंत्री सहित 34 सदस्यों को मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है।

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