जमीन से जमीन पर मार करने वाली सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस का सफल परीक्षण, पाक मिसाइल हताफ के परीक्षण के जवाब में सेना ने ब्रह्मोस से दिखाई अपनी मारक क्षमता। जैसलमेर के पोकरण के चांधन रेंज में पाकिस्तानी सीमा के नजदीक शुक्रवार को ब्रह्मोस ब्लॉक 2 मिसाइल का सफल परीक्षण सुबह 10 बजकर 45 मिनट पर किया गया। इस मिसाइल के धमाके से थार दहल उठा। भारतीय सेना ने जमीन से जमीन पर मार करने वाली सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस से 30 किलोमीटर दूर अजासर गांव में काल्पनिक ठिकाने पर अचूक निशाना भेदकर अपनी मारक ताकत दिखाई। इस फायरिंग टेस्ट को राजस्थान सीमा के नजदीक चीन व पाक सेना के संयुक्त अभ्यास और पाक मिसाइल हताफ के परीक्षण के मद्देनजर काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
भारतीय सेना के उच्चाधिकारियों की मौजदूगी में शुक्रवार सुबह 10.45 बजे चांधन फायरिंग रेंज से ब्रह्मोस मिसाइल से निशाना दागा गया। तेज धमाके के साथ मिसाइल ने कुछ पलों में टारगेट भेद दिया। अजासर पाकिस्तान सीमा से करीब सवा किमी दूर है। इस सीमा से करीब पचास किमी दूर चीन व पाक सेना संयुक्त अभ्यास कर रही है। ब्रह्मोस-2 मिसाइल 4 मार्च 2007 को ट्रायल के दौरान निशाना चूक गई थी। बाद में दुबारा 28 मार्च को किया गया परीक्षण सफल रहा था।
पाकिस्तान ने अपनी एक तिहाई सेना अलकायदा के आतंकवादियों से लडऩे के लिए अफगान सीमा पर लगा रखी है। भारतीय सेना का ध्यान बंटाने के लिए पाकिस्तानी सेना ने एक रणनीति के तहत रेगिस्तानी इलाके में मिसाइल हताफ का परीक्षण किया था। बीते दिनोंं पाक मीडिया में इस तरह की खबरें प्रकाशित हुई थीं कि भारतीय शहरों को अपने निशाने पर लेने के लिए पाकिस्तान परमाणु शस्त्र वहन करने में सक्षम 24 मिसाइल सेना में शामिल कर रहा है।
इन दिनो चीन की सेना जैसलमेर सीमा के नजदीक पाक सेना के साथ पहली बार रेगिस्तान में संयुक्त अभ्यास कर रही है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान की इन गतिविधियों को देखते हुए भारतीय सेना मिसाइल ब्रह्मोस का फायरिंग टेस्ट कर जवाब देना चाहती है कि वह हर स्थिति से निपटने में सक्षम है। गौरतलब है कि रेगिस्तान में फिर कभी जंग होती है तो बैटल टैंक और मिसाइलों की अहम भूमिका होगी।

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