2008 में जब मुंबई हमला हुआ था, तब केविन पीटरसन की अगुवाई वाली इंग्लैंड की टीम सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए सीरीज बीच में छोड़कर स्वदेश लौट गई थी। भारतीय क्रिकेट प्रेमियों को इंग्लैंड की टीम के इस व्यवहार से काफी धक्का लगा था। इंग्लैंड में आजकल हालात उससे भी बदतर हैं, फिर भी टीम इंडिया वहां पर डटी हुई है। शायद आज भी सुनील गावस्कर इंग्लैंड के उस हरकत को नहीं भूल पाए हैं। गावस्कर का मानना है कि अगर इंग्लैंड की तरह दंगे भारत में हुए होते तो इंग्लिश क्रिकेटर घबराकर सीरीज़ बीच में ही छोड़ कर घर वापसी की बात करने लगते। ब्रिटेन में दंगों के बीच भारत और इंग्लैंड के बीच तीसरा टेस्ट बुधवार से एजबस्टन में शुरू होगा। भारत इस सीरीज में भारत 0-2 से पीछे चल रहा है।
गावस्कर ने कहा कि अगर ऐसा भारत में हुआ होता तो इंग्लिश क्रिकेटर सीरीज़ बीच में ही छोड़कर वापसी की सोचने के बारे में सोचने लगते। उन्होंने कहा, 'इसमें कोई शक नहीं कि ऐसी स्थिति में इंग्लैंड के खिलाड़ी बौखला गए होते। वे स्वदेश लौटने की बात सोचने लगते। यह तय है।' केविन पीटरसन की अगुवाई वाली इंग्लैंड टीम 2008 में मुंबई आतंकी हमले के बाद भारत दौरा बीच में छोड़कर चली गई थी। बाद में टीम ने लौटकर सीरीज पूरी की। मौजूदा टेस्ट कप्तान ऐंड्रू स्ट्रॉस ने कहा है कि दंगों का टीम की तैयारी पर कोई असर नहीं पड़ा है। उन्होंने कहा,'यह सब देखकर भयावह लगता है, लेकिन जहां तक हमारी तैयारियों की बात है तो उस पर कोई असर नहीं पड़ा है। हम बेहतरीन प्रदर्शन करने के लिए तैयार हैं।' लंदन से शुरू हुई दंगों की आग अब पूरे इंग्लैंड में फैल चुकी है और पूरे देश में हिंसा का माहौल है।

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