सिविल सोसायटी के वरिष्ठ सदस्य और लोकप्रिय अधिवक्ता प्रशांत भूषण के घर पर अन्ना और अन्ना की टीम एक बैठक कर रही है जहां अन्ना के अनशन की आगे की रणनीति बनायी जा रही है। लेकिन इसी सिविल सोसायटी के सदस्यों में अब विरोधाभास दिखने लगा है।
स्वामी अग्निवेश ने उस समय ये कह कर चौंका दिया कि सरकार केवल पीएम को लोकपाल बिल के दायरे में रखने वाली बात को छोड़कर अगर उनकी सोसायटी की ओर से बनाये गये लोकपाल बिल को मान लेती है तो अन्ना की टीम पीएम और न्यायपालिका को लोकपाल के दायरे में लाने की मांग छोड़ सकती है। इस बात को सुनकर सिविल सोसायटी के सदस्य अचंभित हैं। अरविंद केजरीवाल ने स्वामी अग्निवेश के इस बयान को नीजि राय बताया है। उन्होंने कहा कि अन्ना की टीम पूरी तरह संतुलित है । उसमें किसी भी तरह का कोई मतभेद नहीं है। अग्निवेश ने ये क्यों कहा ये तो वो ही बेहतर बता सकते हैं। अब अन्ना के अनशन की जगह होगी जेपी नेशनल पार्क।

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें