बहुजन समाज पार्टी ने राजीव गांधी ट्रस्ट को हरियाणा सरकार से मिली भूमि पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि बसपा सरकार को छोटे-छोटे मामलों में नसीहत देने वाले कांग्रेस के नेताओं का दोहरा चरित्र पुन: जनता के समाने उजागर हो गया है। उन्होंने कहा कि पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान गुड़गांव के उल्लावास गांव में हरियाणा सरकार के भूमि अधिग्रहण से जुड़े जो तथ्य सामने आये हैं इनसे जाहिर है कि कांग्रेस पार्टी की नेतृत्व वाली राज्य व केन्द्र सरकार केवल गरीबों के हित में काम करने का नाटक करती हैं।
प्रवक्ता ने सवालिया लहजे में कहा कि एक तरफ हरियाणा सरकार अपनी भूमि अधिग्रहण नीति को सबसे अच्छी बताती है वहीं दूसरी तरफ एक खास ट्रस्ट के हित में किसी भी सीमा तक भूमि अधिग्रहण के प्राविधानों को धता बताकर कार्य करती है। उन्होंने कहा कि यदि किसान वहां की भूमि अधिग्रहण से संतुष्ट होते तो हाईकोर्ट क्यों जाते।
उत्तर प्रदेश में भूमि अधिग्रहण को लेकर छोटे-छोटे विवादों को हवा देकर पर्दे के पीछे से बसपा सरकार के खिलाफ राजनीति करने वाले कांग्रेसी नेताओं को अपनी पार्टी द्वारा शासित राज्यों में किसानों के हितों पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार किसानों की वाजिब समस्या सुनने के बजाय राजीव गांधी ट्रस्ट को जमीन उपलब्ध कराने के लिए नियमों को ताक पर रख दिया। जिससे मजबूर होकर किसानों को ईकोर्ट जाना पड़ा। पार्टी प्रवक्ता ने कहा कि माननीया मुख्यमंत्री जी किसानों की समस्याओं को लेकर अत्यन्त संवेदनशील हैं। इसीलिए उन्होंने यहां भूमि अधिग्रहण के संबंध में जो नई नीति लागू की उसमें किसानों के आर्थिक हितों एवं सम्मान का पूरा ध्यान रखा गया है। उन्होंने कहा कि बी0एस0पी0 सरकार की नई भूमि अधिग्रहण नीति देश की सबसे अच्छी अधिग्रहण नीति है।
हरियाणा के उल्लावास गांव की घटना से जाहिर हो गया है कि कांग्रेस केवल भूमि अधिग्रहण के मामले में ओछी राजनीति कर किसानों को धोखा दे रही है। जिसे बी0एस0पी0 कतई बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को हरियाणा की इस घटना पर अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए ट्रस्ट से जमीन वापस ले लेना चाहिए।

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