गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी का विरोध करने वाले निलंबित आईपीएस अधिकारी संजीव भट्ट को सोमवार को जमानत मिल गई। उन्हें 16 दिन हवालात में बिताने के बाद जमानत मिली है। भट्ट पर आरोप है कि उन्होंने एक पुलिसकर्मी पर दबाव डालकर उससे जबरन हलफनामा दायर करवाया था।
मिली जानकारी के अनुसार अभियोजन पक्ष ने अदालत से कहा कि भट्ट के खिलाफ आरोप गंभीर हैं इसलिए उन्हें जमानत नहीं दी जानी चाहिए। मगर, अदालत ने कहा कि आरोप इतने गंभीर नहीं हैं कि जमानत देने में किसी तरह की दिक्कत हो।
गौरतलब है कि भट्ट ने मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इसके बाद से भट्ट के खिलाफ भी कई मामले सामने आए। उन्हें सस्पेंड कर दिया गया और फिर दबाव डालकर झूठा हलफनामा दिलवाने के मामले में गिरफ्तार भी कर लिया गया। गिरफ्तारी के दौरान उनके सामने मोदी सरकार से समझौता करने का प्रस्ताव भी आया, लेकिन भट्ट ने साफ कर दिया कि उन्हें भले सारी उमर जेल में बितानी पड़े लेकिन वह मोदी जैसों से कोई समझौता नहीं करेंगे। सोमवार को अहमदाबाद जिला एव सत्र न्यायालय ने उन्हें जमानत दे दी।

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