
बिहार में जमुई जिले के सोनो थाना क्षेत्र के बलथारा गांव के निकट चार दिन पूर्व अपहृत सभी 15 मजदूरों को माओवादियों ने कल देर रात मुक्त कर दिया। पुलिस अधीक्षक राम नारायण सिंह ने आज यहां बताया कि भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के उग्रवादियों ने पुलिस द्वारा चलाये गये कॉम्बिंग ऑपरेशन के दबाव में देर रात अपहृत मजदूरों को जिले की चरका पत्थर पुलिस चौकी की सीमा से लगे झारखंड के जंगल में मुक्त कर दिया।
श्री सिंह ने बताया कि भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के उग्रवादियों ने गत एक नवम्बर को पटना से करीब 200 किलोमीटर दूर जमुई जिले में स्थित बलथारा गांव में तड़के पुल निर्माण में लगे एक निजी कंपनी में कार्यरत एक कर्मचारी के अलावा 15 मजदूरों का अपहरण कर लिया था। उन्होंने बताया कि बाद में माओवादियों ने इनमें से एक को मुक्त कर दिया था, जबकि अन्य को अपने साथ बटिया जंगल की ओर लेकर चले गये थे।
पुलिस को संदेह था कि कम्पनी द्वारा 'सुरक्षा धन' देने से इंकार किए जाने के बाद नक्सलियों ने मजदूरों का अपहरण किया। उन्होंने ने बताया कि अपहरण की सूचना मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के नेतृत्व में मजदूरों को मुक्त कराने के लिए 24 घंटे कॉम्बिंग ऑपरेशन चलाया जा रहा था। उन्होंने बताया कि सभी मजदूर बरनार नदी के किनारे से होते हुए पैदल ही सोनो पहुंच गये हैं। श्री सिंह ने बताया कि मुक्त सभी मजदूरों को पुलिस अभिरक्षा में रखा गया है और उन्हे जिला मुख्यालय लाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि माओवादियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस का अभियान जारी रहेगा और इसके लिए संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी चल रही है।
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