2002 के गोधरा कांड के बाद सरदारपुरा कांड के दोषी 73 लोगों में से 42 लोगों को बरी कर दिया गया है। इस मामले में अपना फैसला सुनाते हुए गुजरात के मेहसाणा की स्पेशल कोर्ट ने 42 लोगों को बरी किया जबकि अन्य 31को इस मामले में दोषी पाया गया है। गौरतलब है कि सरदारपुरा कांड में 33 लोगों को जिंदा जला दिया गया था। इन 31 लोगों में से मुख्य आरोपी के बारे में अभी फैसला नहीं आया है।
गुजरात में 2002 में हुए गोधरा कांड के 2 दिन बाद सरदारपुरा गांव में जातीय दंगा हुआ था। जिसमें एक घर में आग लगा दी गई थी। जिसमें 20 महिलाओं सहित कुल 33 लोगों की मौत हो गई थी। गुजरात दंगों से जुड़े इस नरसंहार में 42 लोगों को सुबूतों के अभाव में बरी किया गया है। जबकि अन्य 31 को दोषी पाया गया है।
यह फैसला गुजरात की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने सुनाया है। अब यह फैसला हाईकोर्ट में भी जा सकता है। कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि 73 में से 42 लोगों के खिलाफ पर्याप्त सुबूत नहीं है इसलिए उन्हें आरोपी नहीं ठहराया जा सकता है। सरदारपुरा कांड में इन सभी 73 लोगों पर हत्या की साजिश रचने, दंगा फैलाने और हत्या करने के मामले में मामला दर्ज किया गया था।

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