राज्य सभा की युवा सांसद और तमिलनाडु के दिग्गज नेता एम करुणानिधि की बेटी कनिमोझी को नवंबर का महीना भी जेल में ही काटना पड़ेगा। हाल ही में कनिमोझी की जमानत याचिका को भी रद्द कर दिया गया था। 2जी घोटाले के संबंध में कनिमोझी को २० मई को गिरफ्तार किया गया था और अब शुक्रवार को उनके मामले की अगली सुनवाई होनी है।
मामले की सुनवाई कर रहे जज ओपी सैनी ने जमानत याचिका रद्द करते हुए कहा था कि कनिमोझी के वकीलों का कहना है कि महिला होने के नाते कनिमोझी पर दया होनी चाहिए। कनिमोझी के वकीलों ने कानून की जिस धारा का उल्लेख किया है वो 16 वर्ष से कम उम्र और बीमार लोगों पर लागू होती है। लेकिन कनिमोझी की पारिवारिक स्थिति से स्पष्ट होता है कि वो कोई सामान्य महिला कैदी नहीं हैं, इसलिए उन पर इस धारा के तहत रहम नहीं किया जा सकता।
कनिमोझी के वकीलों ने जस्टिस सैनी के जमानत रद्द करने के फैसलों को दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दी है। सीबीआई ने भी कहा है कि वो कनिमोझी और पांच अन्य लोगों की जमानत का विरोध नहीं करेगी। दिल्ली हाई कोर्ट ने सीबीआई से दिसंबर तक इस संबंध में अपना रूख स्पष्ट करने के लिए कहा है। हालांकि यह लगभग साफ है कि सीबीआई कनिमोझी की जमानत का विरोध नहीं करेगी लेकिन मामले की अगली सुनवाई एक दिसंबर को होगी जिससे साफ है कि कनिमोझी को नवंबर का महीना जेल में ही काटना पड़ेगा।

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