असम के हजारों लोगों ने संगीत की दुनिया की जानी-मानी हस्ती भूपेन हजारिका को श्रद्धांजलि दी। उनके पार्थिव शरीर को सोमवार को मुंबई से यहां लाया गया। इस दौरान एयरपोर्ट से उनके घर तक के 25 किलोमीटर के रास्ते पर लोग कतारों में खड़े थे। लोगों ने इस दौरान उन्हें फूलों और पारंपरिक असमी 'गमछे' से श्रद्धांजलि दी।
प्रशासन ने पूरे रास्ते पर हजारिका के गाने चलाने की व्यवस्था की थी। रास्ते में जगह-जगह हजारिका की तस्वीरें लगी हुई थीं। गोपीनाथ बोर्दोलोई इंटरनैशल एयरपोर्ट से हजारिका के घर की दूरी ट्रक ने छह घंटे में पूरी की। इस दौरान हजारिका के पार्थिव शरीर के साथ उनकी लंबे समय की साथी कल्पना लाजमी और हजारिका के परिवार के कई सदस्य मौजूद थे। उनके सम्मान में क्षेत्र की सभी दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे। हजारिका के निवास पर दिन भर 'नम प्रसंग' (प्रार्थना) चलता रहा, जिसमें उनके परिवार के सदस्यों, मित्रों और करीबी लोगों ने भाग लिया।
श्री भूपेन के शव को प्रदेश के ऐतिहासिक जजे़ज फील्ड में रखा जाएगा, जहां लोग उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि देंगे। प्रदेश सरकार ने मंगलवार को हजारिका के सम्मान में राजकीय अवकाश घोषित किया है। मंगलवार को हजारिका के पुत्र तेज भूपेन हजारिका के न्यू यॉर्क से आने की संभावना है, जिसके बाद उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

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महानायक को अश्रुभारी श्रधांजलि ...
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