
सोनिया गांधी ने टीम अन्ना को तीखा जवाब देते हुए कहा कि भाषण से करप्शन के खिलाफ नहीं लड़ा जा सकता। उत्तराखंड में बीमारी की वजह से सोनिया गांधी की गैरमौजूदगी में रक्षा मंत्री एके एंटनी ने उनका भाषण पढ़ा। चमोली जिले के गोचर में ऋषिकेश-कर्णप्रयाग लाइन का शिलान्यास करने सोनिया गांधी को जाना था लेकिन वह बीमार पड़ गईं। उनके भाषण में टीम अन्ना पर कहा गया, ‘ इन दिनों करप्शन पर खूब बातें की जा रही हैं। इसमें कोई शक नहीं कि करप्शन एक बड़ी बीमारी है और हर कोई इससे परेशान है। करप्शन के खिलाफ माहौल जरूर बनना चाहिए लेकिन भाषणों से करप्शन खत्म नहीं हो सकता। ’
सोनिया गांधी के भाषण में कहा गया, ‘ दूसरों पर उंगली उठाने से करप्शन खत्म नहीं हो सकता। हर आदमी को खुद सोचना चाहिए। करप्शन तब तक खत्म नहीं होगा जब तक कुछ लोग यह सोचते रहेंगे कि उनका करप्शन दूसरों की तुलना में ठीक है। इन दिनों यही हो रहा है। मैं इन लोगों से पूछना चाहती हूं कि आरटीआई कौन लाया? सार्वजनिक जीवन में पारदर्शिता कौन लाया? यह हमने किया है। ’ महंगाई के मुद्दे पर उन्होंने कहा, ‘ महंगाई चिंता का विषय है। मैं सरकार की मजबूरी समझती हूं लेकिन लोगों के लिए कुछ जरूर किया जाना चाहिए। हर कोई अपनी राजनीति कर सकता है लेकिन जनता की चिंता सबसे महत्वपूर्ण है। ’ सोनिया गांधी ने आगे कहा, ‘ एनएसी (नैशनल अडवाइजरी काउंसिल) पीएम ने स्थापित की थी और इसमें मैं हूं। लोकपाल बिल पर काम सबसे पहले एनएसी में ही शुरू हुआ। प्रधानमंत्री और सरकार लोकपाल के लिए प्रतिबद्ध हैं, तो शोर किस बात का है? ’
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