गोल्ड सुख के बाद अब स्वर्ण युग कंपनी द्वारा निवेशकों की गाढ़ी कमाई ठगने का खुलासा हुआ है। महेश नगर के श्रीगोपाल नगर में संचालित स्वर्ण युग ट्रेड इंडिया प्रा. लि. सोने के नाम पर मोटा मुनाफा देने का झांसा देती थी। कंपनी के मैनेजर सहित नौ कर्मचारियों को पुलिस ने गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया, जबकि कंपनी के तीन डायरेक्टर कमलेश पारीक, पवन पारीक तथा प्रवीण फरार हो गए।
माना जा रहा है कि इस कंपनी में भी हजारों निवेशकों के लाखों रुपए फंसे हुए हैं। हालांकि, पुलिस आकलन में जुटी है कि इस कंपनी ने कितने की ठगी की है। फिलहाल, इसके पंद्रह सौ से अधिक लोगों के सदस्य होने की जानकारी सामने आई है। उधर, इस तरह की कंपनियों द्वारा ठगी के खुलासे के बाद शहर में चल रही अन्य कई फर्जी कंपनियों के संचालक भूमिगत हो गए हैं।
गिरफ्तार लोगों में संजय नगर, झोटवाड़ा निवासी मैनेजर जेठानंद सिंघानी के अलावा कर्मचारी मदनबाड़ी, विद्याधरनगर निवासी सपना, मनोहरपुर निवासी कुमारी दीपिका, जयपुरामपुरा (सीकर) का उमेश शर्मा, मुरलीपुरा निवासी विशाल शर्मा, शंकर विहार, मुरलीपुरा का उमेश कुमार शर्मा, अमरनगर खिरनी फाटक देवदत्त पारीक, कूच बिहार (प. बंगाल) हाल वैशाली नगर निवासी दिलीप मोहतो तथा जगदंबा नगर, करणी विहार निवासी विनोद कुमार शर्मा हैं। इनमें से उमेश शर्मा कंपनी में अकाउंटेंट है, जबकि विशाल शर्मा चैक व डिस्पैच का कार्य करते थे। देवदत्त पारीक मार्केटिंग का काम करते थे। पुलिस ने यह कार्रवाई सोडाला निवासी निवेशक रामबाबू अग्रवाल की ओर से दर्ज कराए गए मामले पर की।

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