टीम अन्ना से भिन्न राय रखते हुए भाजपा नेता लालकष्ण आडवाणी ने शनिवार को जनप्रतिनिधि को वापस बुलाने के अधिकार पर असहमति जाहिर की और कहा कि भारत जैसे बड़े देश में इससे पूरी संरचना अस्थिर होगी। उन्होंने संवाददाताओं को यहां कहा कि मैं मुख्य चुनाव आयुक्त से इत्तेफाक रखता हूं कि इतने बड़े देश में यह अधिकार पूरी संरचना को अस्थिर कर सकता है।
मुख्य चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी ने हाल ही में कहा था कि जनप्रतिनिधि को वापस बुलाने का अधिकार देश को अस्थिर कर सकता है। आडवाणी ने कहा कि पूरी दुनिया में कहीं भी ऐसे कदम नहीं उठाए गए हैं। उन्होंने कहा, इसलिए, यह आश्चर्यजनक नहीं है कि एक छोटे देश को छोड़कर पूरी दुनिया में कहीं भी ऐसे कदम नहीं उठाए गए हैं। टीम अन्ना जनप्रतिनिधि को वापस बुलाने के अधिकार के लिए जमकर अभियान कर रही है। चुनाव आयोग ने भी इसका समर्थन नहीं किया है।
आडवाणी ने, हालांकि, देश में चुनाव सुधारों और खासतौर पर चुनावों में कालेधन के इस्तेमाल और राजनीति के अपराधीकरण पर रोक के लिए कदम उठाने की मांग की। भाजपा नेता लालकष्ण आडवाणी ने कहा कि भाजपा चुनाव सुधारों की मांग की अगुवाई करती रही है। उन्होंने कहा कि उनके पार्टी के सहकर्मी अटल बिहारी वाजपेयी ने 1970 में ही चुनाव सुधार का मुद्दा उठाया था और संसद को इस मामले पर संयुक्त समिति गठित करने को बाध्य किया था।
आडवाणी ने कहा कि चुनाव सुधार को तेज करने के लिए जो भी जरूरत हो वह करने के लिए हम तैयार हैं। इसमें कोई शक नहीं कि अगर चुनाव सुधारों को प्रभावी ढंग से लागू किया गया तो चुनावों में धन बल की भूमिका और भ्रष्टाचार से निपटा जा सकता है। देश में चुनावों में कालेधन के व्यापक इस्तेमाल का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि कालेधन का मुद्दा और चुनाव जुड़ा हुआ है। अगर आपको देश में भ्रष्टाचार के मुद्दे से निपटना है तो चुनाव सुधार के मुद्दों को हल किया जाना चाहिए।

1 टिप्पणी:
yeh desh keval Adwani ji ka nahi hai...iss par bahas honi chahiye ki kyon na RIGHT TO RECALL ko lagu kiya jana chahiye...jo yeh tark diya ja rahaa hai ki sansdiya pranali mein asthirta aayegi...yeh kyon nahi mana jaye ki Sansad aur vidhayk apne kartavyo ke prati zyada sachet honge...
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