राजधानी में रविवार रात नंद नगरी में आयोजित किन्नरों के सम्मेलन में भीषण आग लग गयी। भगदड़ में 15 लोगों की मौत और करीब 50 से ज्यादा लोग घायल हो गये हैं। जिनमें से 20 की हालत गंभीर बतायी जा रही है। घायलों को पास के जीटीवी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस के मुताबिक पंडाल में आग शार्ट सर्किट के कारण लगी। किन्नरों का यह तीन दिवसीय आयोजन था जो कि नंद नगरी के ई-2 के कम्युनिटी सेंटर में चल रहा था।
रविवार को कार्यक्रम का पहला दिन था। टीवी चैनलों के मुताबिक करीब 3-4 हजार लोग इस पंडाल में उपस्थित थे। लेकिन इतने बड़े आयोजन के लिए लगे पंडाल में केवल आने का एक ही रास्ता था यानी कि एक्जीट द्वार एक ही था, वो भी काफी छोटा। जिसके चलते सभी एक साथ बाहर नहीं निकल पाए और कई लोग आग की चपेट में आ गए। पंडाल से लपटें उठते देख स्थानीय लोगों ने दमकल विभाग को सूचना देने के साथ ही बचाव कार्य भी शुरू कर दिया। घटना करीब साढे छ: बजे की है।
करीब सात बजे मौके पर अग्निशमन की गाड़ियां पहुंची और बचाव कार्य शुरू हुआ। आग इतनी भी भीषण थी कि दमकल की दो गाडियों का इस्तेमाल आग बुझाने के लिए किया गया। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। मौके पर पहुंचे पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने कम्युनिटी सेंटर और पंडाल में आम लोगों को न जाने के निर्देश दिए और घायलों को बाहर निकालने का काम शुरू कराया। घायलों को नजदीकी जीटीबी अस्पताल ले जाया गया, जहां पर 15 को मृत घोषित कर दिया गया।
इस सम्मेलन में पाकिस्तान से भी किन्नर आए थे। इस बीच रात करीब साढ़े दस बजे किन्नरों ने जीटीबी अस्पताल पंहुच कर हंगामा किया। उनका आरोप था कि पुलस प्रशासन सहयोग नहीं कर रहा है। उनका कहना था कि हमारी पुकार कोई सुन नहीं रहा है। जबकि यह भी बात सामने आ रही है कि कार्यक्रम बिना एनओसी के चल रहा था।

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