केंद्रीय कृषि मंत्री शरद पवार को थप्पड़ मारने वाले हरविंदर सिंह को आज अदालत में पेश किया जाएगा। पवार की पार्टी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के सदस्य इस घटना पर भड़के हुए हैं। पार्टी ने शुक्रवार को पुणे बंद का आह्वाण किया है। पार्टी ने शुक्रवार को यह मुद्दा संसद में भी उठाया। एनसीपी कार्यकर्ताओं ने अन्ना हजारे का पुतला भी फूंका है। इसके बाद अन्ना की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
अन्ना के गांव में पवार समर्थकों ने जम कर उनका विरोध किया। उनकी अन्ना के समर्थकों से झड़प भी हुई। अन्ना ने कहा है कि जब पुणे में पुलिस फायरिंग में कई किसान मारे गए थे तब एनसीपी के कार्यकर्ता सड़कों पर नहीं उतरे थे और पवार को एक थप्पड़ पड़ने पर वे हंगामा मचा रहे हैं।
संसद ने पवार पर हुए हमले की निंदा की। लोकसभा में तमाम पार्टियों के सांसदों ने एक सुर में इस घटना को लोकतंत्र पर हमला बताया। खास बात यह रही कि इस दौरान सदन में शांति बनी रही। शीतकालीन सत्र शुरू (22 नवंबर) होने के बाद से पहली बार सदन में इस तरह की शांति दिखी और नेताओं ने अपनी बात कही।
अन्ना हजारे ने कहा है कि वह माफी मांगने के लिए तैयार हैं। अन्ना ने पवार को थप्पड़ मारे जाने की घटना की जानकारी पत्रकारों द्वारा दिए जाने पर पहली प्रतिक्रिया देते हुए कहा था, 'थप्पड़ मारा? एक ही मारा?' टीवी चैनलों पर उनका बयान चलाए जाने के बाद अन्ना ने सफाई भी जारी की। बाद में उन्होंने एक मराठी टीवी चैनल पर कहा, 'मैं अहिंसक आंदोलन में यकीन रखता हूं। लेकिन मेरे बयान को गलत समझा गया। मैं माफी मांगने के लिए तैयार हूं।' अन्ना के बयान पर लालू प्रसाद यादव की तीखी प्रतिक्रिया आई है। उन्होंने कहा है कि अन्ना कुंठित हैं और बुढ़ा गए हैं। उन्हें बोलने के पहले सोचना चाहिए।कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने भी अन्ना के बयान का विरोध किया।

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