मिश्र में प्रदर्शनकारियों ने एक बार फिर काहिरा के तहरीर चौक पर जुटने और एक बड़े पैमाने पर विरोध-प्रदर्शन करने का आह्वान किया है। प्रदर्शनकारियों ने यह आह्वान अंतरिम मंत्रिमंडल द्वारा अपना इस्तीफा सत्तारूढ़ सैन्य परिषद को सौंपे जाने के एक दिन बाद किया है। पिछले दिनों शासन के खिलाफ हुए प्रदर्शनों में कम से कम 33 लोग मारे गए और सैकड़ों घायल हुए।
फरवरी में राष्ट्रपति हुस्नी मुबारक को सत्ता से बेदखल करने के लिए देश में हुए आंदोलन का नेतृत्व करने वाले 'कोलिशन आफ रिवोल्यूशन यूथ' सहित अन्य समूहों ने मंगलवार को तहरीर चौक पर 'ए मिलियन-मार्च' नाम से रैली निकालने का आह्वान किया है।
प्रदर्शनकारी चाहते हैं कि सशस्त्र सेना की सर्वोच्च परिषद (एससीएएफ) जल्दी ही शासन लोगों के हाथों में सौंप दे इसलिए वे रैली के जरिए उस पर दबाव बनाना चाहते हैं। मालूम हो कि अंतरिम प्रधानमंत्री एसाम शरफ ने मंगलवार देर रात अपने इस्तीफे की पेशकश की थी। वहीं, सेना के एक अधिकारी ने बताया कि परिषद एक नए प्रधानमंत्री के नाम पर सहमति बना रही है। सहमति बनने के बाद शरफ का इस्तीफा स्वीकार किया जाएगा।
मिस्र के लोगों को सेना पर भरोसा नहीं। जनता को सेना की नीयत में खोट नजर आ रहा है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सेना लोकतंत्र की बहाली के बजाय अपने राज को लंबा खींचने में जुटी है। सैन्य परिषद के नये संवैधानिक प्रस्ताव में इसकी तसदीक भी हुई एक प्रस्ताव में कहा गया कि-
- सेना के बजट पर चुनी गई सरकार का नियंत्रण नहीं होगा
यानि साफ है नई सरकार चुने जाने के बाद भी सेना पैरेलेल सरकार चलाने की जुगत में है। दरअसल जनता को सुप्रीम काउंसिल ऑफ द आर्म्ड फोर्सेज की अगुआई कर रहे सैन्य अधिकारी फील्ड मार्शल मोहम्मद तनतावी पर ही अब भरोसा नहीं रहा, वजह भी हैं ...
- तनतावी मुबारक के करीबी माने जाते हैं।
- मुबारक के कार्यकाल के दौरान वो रक्षा मंत्री के साथ साथ देश के उप प्रधानमंत्री भी नियुक्त किए गए थे।
सूत्रों के अनुसार एससीएएफ ने एक नई अंतरिम सरकार के गठन के लिए विपक्षी नेता मोहम्मद अलबरदेई से मुलाकात की है लेकिन अलबरदेई ने अभी अपना रुख साफ नहीं किया है। मिस्र के सैनिक शासकों ने कहा है कि अगर लोग चाहें तो अगले साल जून से पहले सत्ता के हस्तांतरण की कार्रवाई के लिए जनमत संग्रह कराया जा सकता है।
देर रात देश के नाम संदेश में फील्ड मार्शल तनतावी ने कहा है राष्ट्रपति चुनाव 30 जून से पहले किसी समय कराए जा सकते हैं। तनतावी ने अपने भाषण में सेना को देशभक्त बताया और कहा कि उनकी छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है।

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