केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने नयी जातियों को अन्य पिछडे वर्ग (ओबीसी) की सूची में संशोधन संबंधी एक राष्ट्रीय पैनल की सिफारिशों को बुधवार को मंजूरी दे दी। इससे लगभग 20 राज्यों में चार दर्जन से अधिक जातियों को नौकरियों और शिक्षा में आरक्षण का लाभ हासिल हो सकेगा।
सूत्रों के अनुसार पिछड़े वर्ग संबंधी राष्ट्रीय आयोग ने अपनी सिफारिशें सरकार को सौंपी थीं, जिसमें 20 राज्यों और संघशासित क्षेत्रों की 70 से अधिक जातियों को ओबीसी सूची में शामिल किये जाने का प्रस्ताव था।
कैबिनेट ने ओबीसी की मौजूदा केन्द्रीय सूची में संशोधन संबंधी प्रस्ताव को मंजूरी दे दी और अब इस आशय की अधिसूचना जारी की जाएगी। मौजूदा आरक्षण नीति के तहत सरकार ने नौकरियों और शिक्षा में ओबीसी के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था की है ।
सरकारी बयान के मुताबिक आयोग ने जिन राज्यों और संघशासित क्षेत्रों में जातियों को केन्द्रीय सूची में शामिल करने की सिफारिश की है, वे आंध्र प्रदेश, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, गोवा, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, उडीसा, तमिलनाडु, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल, अंड़मान निकोबार, चंडीगढ़, दिल्ली और पुडुचेरी हैं।

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