कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी को जल्दी ही पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया जा सकता है। पार्टी अध्यक्ष व राहुल की मां सोनिया गांधी की मदद के लिहाज से यह कदम उठाया जा रहा है। यह देश की सबसे पुरानी पार्टी में एक नया बदलाव होगा।
राहुल और सोनिया की व्यस्तता को देखते हुए अब तक इस परिवर्तन की तारीखों को लेकर अटकलें ही लगाई जा रही हैं।’ सोनिया तीन महीने पहले ही अमेरिका से लौटी हैं। वहां उनका ऑपरेशन हुआ था, लेकिन बीमारी के बारे में खुलासा नहीं किया गया। वैसे अफवाह है कि उन्हें कैंसर था। वह राहुल को पार्टी से सम्बंधित कुछ प्रशासनिक जिम्मेदारियां सौंपना चाहती हैं और खुद सिर्फ नीति सम्बंधी मामलों को देखना चाहती हैं।
वर्तमान में 41 वर्षीय राहुल अखिल भारतीय कांग्रेस समिति (एआईसीसी) के महासचिव हैं। वह युवा एवं छात्र इकाइयों के प्रभारी भी हैं और अमेठी से दूसरी बार लोकसभा सदस्य चुने गए हैं। पार्टी के एक अन्य नेता ने बताया कि राहुल को कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपे जाने की तारीख का निर्णय उनका परिवार लेगा।
उनके कार्यकारी अध्यक्ष बनने के लिए दो तारीखों 14 नवंबर (देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू का जन्मदिन) और 19 नवंबर (पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का जन्मदिन) होने की अटकलें लगाई जा रही हैं। यह भी सम्भावना है कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के 126वें स्थापना दिवस के अवसर पर 28 दिसम्बर को राहुल को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया जा सकता है। कुछ पार्टी नेताओं का कहना है कि आने वाले सप्ताहों और महीनों में राहुल व सोनिया पांच राज्यों उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड और मणिपुर में होने वाले विधानसभा चुनावों में व्यस्त रहेंगे, इसलिए उत्तर प्रदेश चुनाव के बाद फरवरी में उन्हें कार्यकारी अध्यक्ष बनाया जा सकता है।

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