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राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (एनआरएचएम) घोटाले से जुड़े एक और शख्स की मौत हो गई। हेल्थ डिपार्टमेंट के क्लर्क महेंद्र शर्मा का शव कमरे में फंदे पर लटका मिला है। लखीमपुर के एसपी अमित चंद्रा ने कहा कि अभी यह नहीं बताया जा सकता है कि यह हत्या है या खुदकुशी। उन्होंने कहा कि पुलिस शाम को पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कह पाएगी। इस तरह अब तक एनआरएचएम घोटाले से जुड़े 5 लोगों की मौत हो चुकी है।
परिवार वालों ने महेश शर्मा की हत्या की आशंका जताई है। उन्होंने यह भी बताया कि वह एक सप्ताह से लापता थे, लेकिन एसपी ने इस तरह की किसी सूचना से इनकार किया है। सूत्रों के मुताबिक, महेंद्र शर्मा कुछ समय से सस्पेंड भी चल रहे थे। हमारे सहयोगी चैनल टाइम्स नाउ को मिली जानकरी के मुताबिक शर्मा ने कुछ फाइलों पर साइन करने से इनकार कर दिया था। इस वजह से सीनियर अधिकारियों ने उन्हें सस्पेंड कर दिया। महेंद्र की पत्नी ने बताया कि उसके पति ईमानदार व्यक्ति थे और उनपर बेजा दबाव बनाया जा रहा था।
परिवार के मुताबिक, महेंद्र शर्मा 7 फरवरी को सुबह घर से निकलने के बाद वापस लौट कर नहीं आए। काफी तलाश करने पर भी जब महेंद्र का कहीं पता नहीं चला तो 10 फरवरी को सदर कोतवाली में गुमशुदगी दर्ज कराई। परिवार के लोग पहले ही विभागीय अधिकारियों पर महेंद्र के उत्पीड़न का आरोप लगा चुके हैं।
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