बिहार सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम उठा रही है. राज्य में 26 पुलिसकर्मियों को बर्खास्त कर दिया गया है. स्पीडी प्रोसेसिंग के ज़रिये की गई कार्रवाई के तहत राज्य के 50 में से 26 पुलिसकर्मियों को पुलिस मुख्यालय से बर्खास्त किया गया है.
डीजीपी अभयानंद का कहना है कि कार्रवाई के दौरान इन लोगों के खिलाफ लगे आरोपों को सत्य पाया गया जिसके आधार पर बर्खास्तगी की कार्रवाई की गई. बर्खास्त पुलिसकर्मियों ने नौकरी बहाली के लिए पुलिस एसोसिएशन के सामने गुहार लगाई है. एसोसिएशन भी इन बर्खास्तगियों से नाराज़ है और पुलिस मुख्यालय के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है.
बर्खास्त पुलिसकर्मियों का कहना है कि बिहार के तमाम विभाग के पकड़े गए पुलिसकर्मी जब बर्खास्त नहीं हुए तो हम ही क्यों? एसोसिएशन के अध्यक्ष मृत्युंजय कुमार सिंह का कहना है कि बर्खास्त पुलिसकर्मियों ने इस मामले में शिकायत की है. एसोसिएशन ने इस शिकायत को गंभीरता से लिया है और इन पुलिसकर्मियों की बहाली को लेकर पुलिस मुख्यालय के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है.
दारोगा नारंगी बैठा, केदार सिंह, अजय कुमार सिन्हा जामादार बिन्देश्वरी पांडे और राज नारायण सिंह ने बर्खास्तगी के खिलाफ पुलिस एसोसिएशन को पत्र लिखा है. इन लोगों का कहना है कि यदि उनकी सेवाएं बहाल नहीं हुईं तो वो पूरे परिवार के साथ आत्मदाह कर लेंगे. एसोसिएशन के ऊपर बर्खास्त पुलिसकर्मियों का दबाव बढ़ गया है और वह सरकार से दो-दो हाथ करने को तैयार हैं.

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