वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी के बजट ने लोगों को एक मोर्चे पर कुछ राहतें दी हैं, लेकिन दूसरी तरफ सेवाकर और एक्साइज ड्यूटी बढ़ाकर लोगों की जेब हल्की करने का भी इंतजाम कर दिया है। प्रणब मुखर्जी ने आयकर छूट के दायरे को 1,80,000 रुपये से बढ़ाकर 2 लाख रुपये कर दिया है। इससे 5 लाख रुपये तक की आमदनी वाले लोगों को दो हजार रुपये का फायदा होगा जबकि 8-10 लाख रुपये तक की इनकम वालों को तकरीबन 20,000 और 10 लाख से ज्यादा इनकम वालों को 22000 हजार का फायदा होगा।
वित्त मंत्री ने इस बजटमें शेयर बाजार में निवेश करने वाले आम लोगों (रिटेल इंवेस्टर्स) को बड़ी राहत दी। आईपीओ में 50,000 रुपये तक निवेश पर आयकर पर छूट मिलेगी। यह छूट उसी तर्ज पर मिलेगी जैसे इंश्योरेंस, मकान किराए और दूसरे तरीकों से होने वाली आय पर कर छूट मिलती है। गौरतलब है कि एक रिटेल इंवेस्टर आईपीओ में सिर्फ एक लाख रुपये तक ही लगा सकता है।
वित्त मंत्री ने सर्विस टैक्स को 10 फीसदी से बढ़ाकर 12 फीसदी करके लोगों को बड़ा झटका दिया है। इसके अलावा सरकारी सेवाओं और सार्वजनिक परिवहन को छोड़कर सभी तरह की सेवाओं को सर्विस टैक्स के दायरे में लाया गया है। इससे तमाम सेवाएं महंगी हो जाएंगी। इन फैसलों का तात्कालिक असर भी दिखना शुरू हो गया है। मारुति ने तो अपनी कारों के दाम बढ़ा दिए हैं। सर्विस टैक्स बढ़ने से होटल-रेस्टोरेंट में खाना, जिम, कोचिंग, फोन बिल, टीवी, फ्रिज, एसी, सीमेंट महंगा हो जाएगा। गोल्ड, डायमंड, प्लेटिनम, सिगरेट, पान मसाला, गुटखा के दाम भी बढ़ेंगे। पेट्रोल महंगा होने के भी पूरे आसार हैं। इस साल के बजट में एक्साइज ड्यूटी में भी दो फीसदी का इजाफा किया गया है। बड़ी कारें दो फीसदी महंगी होंगी। विदेशी साइकिल, हवाई सफर, घूमने और पार्लर पर भी महंगाई की मार पड़ी है।
वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने कॉरपोरेट टैक्स में कोई बदलाव नहीं किया है। ऐसे में टैक्स में छूट की उम्मीद कर रहे उद्योग जगत से जुड़े लोगों को खासा झटका लगा है। इस बजट में सरकार ने कुछ हद तक एसएमई को राहत जरूर दी है। इसके तहत 1 करोड़ से कम के सालाना कारोबार वाले एसएमई उद्योगों को ऑडिट कराने की कोई जरूरत नहीं होगी। ऐसे में 50 से 60 फीसदी एसएमई कारोबारी इस ऑडिट सीमा से बाहर आ सकेंगे।
एसएमई को कुछ हद तक राहत देने केलिए सरकार ने 5000 करोड़ रूपये का इंडिया अपॉरच्यूनिटी वेंचर फंड बनाने की घोषणा की है। वहीं एसएमई को लोन मुहैया कराने में भी सरकार मदद करेगी। गौरतलब है कि उद्योग जगत बजट में प्रणब दा से टैक्सों में भारी कमी की मांग की थी। ऐसे में उद्योगों के लिए ये बजट खासा तौर पर उत्साहजनक नहीं लग रहा है। वित्तीय वर्ष 2012-13 से 2 लाख से 5 लाख रुपये तक की आय पर लोगों को 10 फीसदी कर देना होगा। 5 लाख से10लाख रुपये तक की आय पर 20फीसदी और इससे ज्यादा की कमाई पर 30फीसदी की दर सेआयकर देना होगा।
.jpg)
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें