वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी शुक्रवार को लोकसभा में 2012-13 का आम बजट पेश करेंगे। उम्मीद की जा रही है कि वह आयकर छूट की सीमा बढा़कर कम से कम इसे दो लाख रुपये तक कर सकते हैं।
मुखर्जी प्रत्यक्ष कर संहिता (डीटीसी) के बारे में बजट भाषण के दौरान औपचारिक ऐलान कर सकते हैं, जो 2013-14 से अस्तित्व में आएगा। मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली संप्रग-2 सरकार का चौथा बजट मुखर्जी पेश करेंगे। बजट में काले धन की समस्या और कर चोरी से निपटने के कडे़ उपायों की घोषणा भी हो सकती है।
कुछ विपक्षी और सहयोगी दलों के विरोध के मद्देनजर मुखर्जी संभवत: मल्टी ब्रांड रिटेल में एफडीआई जैसे आर्थिक सुधारों पर धीमे चलना चाहेंगे। कार खरीदने वालों के लिए बुरी खबर ये बजट ला सकता है क्योंकि सरकार संसाधन जुटाने के लिए लक्जरी वस्तुओं पर शुल्क बढा़ सकती है। मुखर्जी के सामने सबसे बडी चुनौती आर्थिक विकास की गति धीमी होना है, जिसके चालू वित्त वर्ष के दौरान 6.9 प्रतिशत रहने का अनुमान है। अगले वित्त वर्ष के लिए सरकार 30 हजार करोड़ रुपये का विनिवेश लक्ष्य भी तय कर सकती है।

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