मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने सीएनटी एक्ट में संशोधन से इंकार कर दिया है। मुख्यमंत्री कहा : ऐसा कोई विचार सरकार के पास नहीं है। सरकार इस मुद्दे पर विधानसभा के अंदर चर्चा कराने के लिए तैयार है। सोमवार को मुख्यमंत्री प्रश्नकाल में झाविमो विधायक दल ने ता प्रदीप यादव ने पूछा कि क्या सरकार सीएनटी और एसपीटी एक्ट में संशोधन करने का विचार रखती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हाइकोर्ट ने फैसले में सीएनटी कानून की व्याख्या की है। उसने इतना ही कहा है कि कानून क्या कहता है। कोर्ट का निर्णय कानून के खिलाफ नहीं है। उसने सिर्फ प्रावधान बताया है। ऐसे में कानून में संशोधन की बात उचित नहीं है। सीएम ने कहा कि समय-समय पर एक्ट को लेकर क्या हुआ। आगे क्या होने की संभावना है। उस पर चर्चा होती है। कानून स्वतंत्र रूप से है। अभी ऐसा कोई विषय नहीं है कि संशोधन का प्रस्ताव लाएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार सीएनटी को लेकर सदन के अंदर बहस कराने को तैयार है। इस दृष्टि से नहीं सोचा जाना चाहिए कि कानून किसी के लिए उपयुक्त नहीं है, तो बलात (जबरदस्ती) कहे कि कानून को मेरे अनुकूल बनाएं। मुख्यमंत्री ने दोबारा दोहराया कि संशोधन का विचार सरकार के पास नहीं है। उन्होंने कहा कि हाइकोर्ट की व्याख्या के बाद कोई कहे कि संशोधन होना चाहिए, तो यह गलत है।

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