सरकार ग़रीबों के कल्याण के लिए योजनाएं बनाती है लेकिन उसके बावजूद ग़रीबों को इनका लाभ नहीं मिल पाती है. बिहार के पूर्णियां में चिकित्सकों ने बीपीएल हेल्थ कार्ड पर मरीज़ों का इलाज करने से मना कर दिया है. डॉक्टरों का कहना है कि बिचौलिए और इंश्योरेंस कंपनियां पैसों का बंदरबांट कर रही हैं जिससे मरीज़ों की परेशानी बढ़नी तय है.
पूर्णिया में ग़रीबी रेखा से नीचे रहने वालों को बीपीएल हेल्थ स्मार्ट कार्ड दिया गया है जिसके तहत उन्हें मुफ्त इलाज मुहैया कराया जाता है. लेकिन ग़रीबों को इस सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है क्योंकि यहां पर डॉक्टरों ने कार्ड धारकों का इलाज करने से मना कर दिया है. पूर्णियां के वरीय चिकित्सक डॉ. वी सी राय का कहना है कि कार्ड को लेकर डॉक्टरों ने हड़ताल कर दी है. डॉक्टरों का कहना है कि उन्होंने यह फैसला सोच-समझ कर किया है. उनका कहना है कि स्मार्ट कार्ड के नाम पर बिचौलिए और इंश्योरेंस कंपनियां अनियमतता पर उतर आई हैं. उनका कहना है कि या तो उन्हें समय पर पैसै नहीं मिलते और अगर मिलते हैं तो पूरे नहीं मिलते.
बहुत से मरीज़ भी हेल्थ कार्ड से परेशान हैं. उनका कहना है कि अररिया में काम करने वाला कार्ड पूर्णियां में काम नहीं करता. ऐस ही कुछ हड्डी रोग से पीड़ित एक मरीज़ के साथ हुआ जो अब परेशानी से इधर-उधर भागा फिर रहा है. चिकित्सकों ने डर व्यक्त किया है कि कैशलेस बीमा योजना का भी कोई लाभ मरीज़ों को नहीं मिलेगा. डॉक्टरों का मानना है कि बीमा कंपनियों का यही रवैया रहा तो आने वाले समय में कई नर्सिंग होम बंद हो जाएंगे.

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