आदर्श हाउसिंग सोसाइटी घोटाले की जांच कर रहे न्यायिक आयोग ने कहा है कि जिस भूमि पर विवादित इमारत का निर्माण हुआ, वह सेना की नहीं बल्कि राज्य की है।
दो सदस्यीय समिति ने पिछले शुक्रवार को अपनी अंतरिम रिपोर्ट सरकार को सौंपी थी। समिति ने यह भी कहा कि इमारत युद्ध नायकों और कारगिल विधवाओं के लिए आरक्षित नहीं थी। महाराष्ट्र कैबिनेट ने मंगलवार को अंतरिम रिपोर्ट पर चर्चा की। सूत्रों ने बताया कि आज इसके विधानसभा में पेश होने की संभावना है। आयोग में बंबई उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश जे ए पाटिल के अलावा पूर्व प्रदेश मुख्य सचिव पी सुब्रह्णयम थे। सूत्रों के अनुसार, रिपोर्ट में कोलाबा की भूमि के मालिकाना हक पर प्रकाश डाला गया है, जहां 31 मंजिली इमारत का निर्माण हुआ और क्या यह युद्ध नायकों और कारगिल विधवाओं के लिए आरक्षित था।
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