सरकार प्रस्तावित पीएफआरडीए विधेयक में बदलावों को मंजूरी देकर पेंशन क्षेत्र में सुधार को गति दे सकती है। सूत्रों ने कहा कि सरकार पीएफआरडीए विधेयक में उस प्रस्ताव को शामिल कर सकती है जिससे पेंशन कोष अंशदाताओं को निश्चित रिटर्न सुनिश्चित हो सके। अगर ऐसा होता है तो यह वित्त पर संसद की स्थायी समिति की सिफारिशों के अनुरूप होगा।
मंत्रिमंडल की कल होने वाली बैठक में क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक (आरआरबी) में पूंजी डालने का निर्णय भी किया जा सकता है। लंबित पेंशन कोष नियामकीय एवं विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) विधेयक, 2011 को मंत्रिमंडल से मंजूरी मिलने के बाद इसे विचार के लिए संसद के आगामी मानसून सत्र में रखा जाएगा। मानसून सत्र जुलाई में शुरू होगा। पिछले कई साल से लंबित पीएफआरडीए विधेयक पेंशन क्षेत्र को निजी एवं विदेशी निवेश के लिए खोले जाने की वकालत करता है।
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