मद्रास हाई कोर्ट से कुडनकुलम परमाणु विद्युत परियोजना (केएनपीपी) को हरी झंडी मिलने के बावजूद प्रोजेक्ट का विरोध बढ़ता ही जा रहा है। सोमवार को पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। ये प्रदर्शनकारी परमाणु रिएक्टर में संवर्धित यूरेनियम भरे जाने की प्रक्रिया रोकने की मांग कर रहे थे। इन लोगों ने कुडनकुलम एटमी संयंत्र की घेराबंदी करने की भी कोशिश की। ये लोग कुडनकुलम परमाणु संयंत्र से 500 मीटर की दूरी पर एकत्र होकर अपना विरोध जता रहे थे।
अधिकारियों का कहना है कि इन प्रदर्शनकारियों ने पुलिस और जिला प्रशासन द्वारा की गई अपील के बावजूद समुद्र तट से हटने से मना कर दिया। इनमें से कुछ लोगों ने समुद्री रास्ते कुडनकुलम परमाणु विद्युत संयंत्र तक पहुंचने की कोशिश भी की। फिलहाल इलाके में किसी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए क्षेत्र में 2,000 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। प्लांट के सात किलोमीटर के दायरे में निषेधाज्ञा लागू की गई है। उल्लेखनीय है कि भारत और रूस का संयुक्त उपक्रम कुडनकुलम परमाणु उर्जा संयंत्र है। यह प्रोजेक्ट दिसंबर में शुरू होना था, लेकिन परियोजना के लगातार विरोध के चलते इसमें विलंब हो गया।
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