वंचित तबके के बच्चों और महिलाओं में कुपोषण एवं शिक्षा का स्तर सुधारने में लगी आंगनबाडी कर्मियों की भर्ती के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता अनिवार्य करने पर सरकार सहमत हो गई है। कार्यकर्ताओं के लिए दसवीं तथा सहायकों के लिए आठवीं कक्षा तक की न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता अनिवार्य करने की सिफारिश की है जिसे सरकार ने स्वीकार कर लिया है। कुल 13.80 लाख आंगनबाडियों में 12 लाख 46 हजार 614 कार्यकर्ता तथा 33156 सुपरवाइजर है। वर्ष 2010 तक कार्यकर्ताओं के 88893 तथा निरीक्षकों के 13653 पद रिक्त थे।
समिति का कहना था कि आंगनबाडी कर्मियों को जो जिम्मेदारियां सौंपी गई है उनमें प्राथमिकी शिक्षा का प्रसार कामकाज का रजिस्टर तैयार करना तथा विभिन्न वित्तीय एवं बच्चों के पोषण से जुडी रिपोर्ट देना आदि शामिल है लेकिन उनकी शैक्षणिक योग्यता निर्धारित न होने से इस योजना के निर्धारित लक्ष्य हासिल नहीं हो पा रहा है। यह योजना पिछडे तबके के बच्चों तथा गर्भवती महिलाओं के पोषण की स्थिति को ठीक करने के मकसद से शुरु की गई है।
समिति ने इन कर्मियों के चयन तथा नियुक्ति के लिए स्पष्ट नीति बनाने तथा रिक्त पदों को जल्द भरने की भी सिफारिश की है। समिति ने सरकार से जल्द से जल्द इस बात की जानकारी देने को कहा है कि वह अनिवार्य योग्यता के साथ भर्ती प्रक्रिया कब शुरु करेगी। समिति ने इस बात पर नाखुशी जाहिर की कि 14 लाख आंगनबाडी खोलने का लक्ष्य अभी तक हासिल नहीं किया जा सका तथा 1578 करोड पात्र बच्चों में से अभी तक सिर्फ 45 प्रतिशत को ही इसमें शामिल किया जा सका है।
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