बिहार के गोपलगंज में मध्यान्ह भोजन से पहले बच्चों को पेट में कीड़े मारने की दवा दी गई जिसे खाकर 36 से ज़्यादा बीमार पड़ गए. बच्चों को पेट में कीड़े की शिकायत होना आम बात है. इस मर्ज़ का इलाज भी सहज है और आमतौर पर लोग अपने स्थानीय डॉक्टर की सलाह से इसका सार्थक इलाज करा लेते हैं.
ऐसा कम ही सुनने में आता है कि पेट में कीड़े मारने की दवा दी गई हो और उसके सेवन से बच्चे बीमार पड़ जाएं. बिहार के गोपालगंज में कुछ ऐसा ही हुआ. गोपालगंज के मांझा थाना के उतक्रमित मध्य विद्यालय में अलबेंडाजोल नाम की दवाई खाने से करीब 36 बच्चे बीमार पड़ गए. विदित हो कि अलबेंडाजोल पेट में कीड़े मारने की दवा है. उल्लेखनीय है कि इस दवा को खाकर पहले भी लोगों के बीमार पड़ने का मामला सामने आ चुका है. आश्चर्य की बात यह है कि इन मामलों के बावजूद यह दवा बच्चों को खिलाई गई और वो भी बीमार पड़ गए. सभी बीमार बच्चों को अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है जहां उनका इलाज जारी है.
पूछताछ में मालूम हुआ कि मध्यान्ह भोजन से पहले ही पेट में कीड़े की दवाई अलबेंडाजोल बच्चों को बांट दी गी थी. बच्चों ने जैसे ही दवाई खाई एक-एक करके बीमार पड़ने लगे. घटना की जानकारी जब मांझा प्रखंड के शिक्षा पदाधिकारी को मिली तो उन्होंने कहा कि खाली पेट दवा खाने की वजह से बच्चे बीमार हो गए. पदाधिकारी का यह भी कहना है कि दवाई खिलाने की सही जानकारी नहीं होने की वजह से बच्चे बीमार पड़े. फिलहाल बीमार बच्चों का इलाज अस्पताल में चल रहा है.
.jpg)
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें