तृणमूल को जाना है तो जाए ! - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

रविवार, 16 सितंबर 2012

तृणमूल को जाना है तो जाए !


पश्चिम बंगाल कांग्रेस ने केंद्र में संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार में साझेदारी को लेकर तृणमूल की धमकियों पर रविवार को कहा कि पार्टी हालांकि तृणमूल को साथ रखना चाहती है, लेकिन यदि वह साथ छोड़ना चाहती है, तो कांग्रेस को कोई समस्या नहीं है। पश्चिम बंगाल कांग्रेस के अध्यक्ष प्रदीप भट्टाचार्य ने कहा कि हम तृणमूल को संप्रग में चाहते हैं, लेकिन यदि वह सरकार से समर्थन वापस ले लेती है तो वह ऐसा कर सकती है। इससे सरकार की स्थिरता पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

भट्टाचार्य का बयान तृणमूल कांग्रेस के रविवार को यह कहे जाने के बाद आया है कि यदि संप्रग सरकार 72 घंटे के भीतर बहुब्रांड रिटेल में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) और डीजल मूल्य वृद्धि का फैसला वापस नहीं लेती तो उनकी पार्टी कड़े फैसले लेने को मजबूर होगी।

भट्टाचार्यजी ने कहा, "हम चाहते हैं कि तृणमूल मंत्रिमंडल और सरकार में बनी रहे। वे सरकार में रहते हुए विरोध कर सकते हैं और अपना प्रस्ताव रख सकते हैं। इसके लिए उन्हें सरकार छोड़ने की जरूरत नहीं है।" उन्होंने कहा, "बहुत समझाने-बुझाने के बाद भी यदि उन्होंने सरकार का साथ छोड़ने का निर्णय ले लिया है तो वे जा सकते हैं। हमें कोई समस्या नहीं है।"

कोई टिप्पणी नहीं: