उत्तराखंड के रूद्रप्रयाग जिले के उखीमठ में शुक्रवार तड़के भारी वर्षा के बाद बादल फटने से कई गांवों में पानी भर गया. इसमें कई दर्जनों घर जमींदोज हो गए और 12 व्यक्तियों की मृत्यु हो गई. चार अन्य के घायल होने की भी ख़बर है.
देहरादून में आपदा प्रबंधन केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार अभी कई लोगों के मलबे में दबे होने की भी आशंका है और उनको बाहर निकालने के लिये खोज और बचाव अभियान शुरू कर दिया गया है.
गुरुवार 13 सितंबर से जारी लगातार वर्षा के बाद तड़के बादल फटने से तिमाड़ा, संसारी, गिरिया, चुन्नी और मंगाली गांव में व्यापक तबाही हुई है. बागेश्वर जिले के कपकोट इलाके में भारी वर्षा के कारण अचानक आयी बाढ़, में अलग अलग घटनाओं में एक दंपति समेत चार व्यक्तियों की मृत्यु हो गयी जबकि एक लापता हो गया.
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि गुरुवार 13 सितंबर की रात हुई वर्षा के बाद कपकोट में एक नाले में आयी अचानक बाढ़ में व्यक्ति और उसकी पत्नी अपनी घराट सहित बह गए. घराट चक्की चलाने वाले विशन सिंह :50: और उसकी पत्नी मधूली देवी :45: के शव आज सुबह घटना स्थल से कुछ दूर बरामद हुए.
एक अन्य घटना में जगथाना गांव की 20 वर्षीय युवती मीना कल रात अपने घर के पास नाले में अचानक आयी बाढ़ में बह गई. उसका शव अभी बरामद नहीं हुआ है. दूसरी घटना में खर्कतनातोली गांव में 34 वर्षीय मोहन चंद्र एक बरसाती नाले में बह गया जबकि कपकोट में ही एक अन्य व्यक्ति धूमर सिंह के भी बहने की सूचना हैा सिंह की तलाश की जा रही है.
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