10 नवम्बर को मलाला दिवस. - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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शुक्रवार, 9 नवंबर 2012

10 नवम्बर को मलाला दिवस.


महिलाओं की शिक्षा के लिए अभियान चलाने पर तालिबान की गोली की शिकार हुई पाकिस्तानी मलाला के नाम पर 10 नवम्बर को मलाला दिवस मनाया जाएगा। यूसुफजई को नोबेल प्राइज देने की भी मांग उठने लगी है। ब्रिटेन के हजारों लोगों ने सरकार से मांग की है कि मलाला को नोबेल प्राइस के लिए  मनोनीत किया जाए।

ब्रिटेन में पाकिस्तानी मूल की एक ब्रिटिश महिला की अगुवाई में एक अभियान चल रहा है, जिसमें प्रधानमंत्री डेविड कैमरन और दूसरे सीनियर गवर्नमेंट ऑफिशल से मांग की गई है कि यूसुफजई को नोबेल पीस प्राइज के लिए नॉमिनेट किया जाए। नोबेल कमिटी के नियमों के मुताबिक सिर्फ प्रतिष्ठित व्य़क्ति, जैसे कि नैशनल असेंबली और सरकार के सदस्य ही किसी को प्राइज के लिए नॉमिनेट कर सकते हैं। 

15 साल की मलाला को तालिबान ने 9 अक्तूबर को इसलिए गोली मार दी थी, क्योंकि वह महिलाओं के लिए एजुकेशन की मांग कर रही थी। दरअसल तालिबान नेता मौलाना फजलुल्लाह ने पाकिस्तान की स्वात घाटी में लड़कियों के स्कूल जाने पर रोक लगाई हुई है। तालिबान के आतंक के चलते कोई भी अपनी बेटियों को स्कूल भेजने की हिम्मत नहीं कर पा रहा था। ऐसे में मलाला ने तालिबान के खिलाफ बिगुल फूंकते हुए लड़कियों को फिर से स्कूल पहुंचाने का बीड़ा उठाया। मलाला की कोशिशें सफल होते देख तालिबानियों ने उसे अपने रास्ते से हटाने के लिए सिर पर गोली मार दी थी।

एक महीना पहले जब मलाला को लंदन लाया गया, तब वह जिंदगी और मौत के बीच झूल रही थी। लेकिन अब उसकी सेहत में सुधार हुआ है और वह खतरे से बाहर है। हाल ही में मलाला की एक तस्वीर रिलीज हुई है, जिसमें वह किताब पढ़ते हुए दिख रही हैं। मलाला के पिता का कहना है कि उनकी बेटी अस्पताल से छुट्टी मिलते ही अपने सपनों को पूरा करने के में जुट जाएगी। अब मलाला महिला अधिकारों और तालिबान के खिलाफ एक सिंबल बन चुकी हैं। ब्रिटेन में 30 हजार से ज्यादा लागों ने मलाला को नोबेल प्राइज देने की मांग की है। इसी तरह के कैंपेन कनाडा, फ्रांस और स्पेन में भी चल रहे हैं।

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