भारतीय जनता पार्टी के प्रेजिडेंट नितिन गडकरी ने अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम और आध्यात्मिक संत विवेकानंद के आईक्यू (IQ) को एक समान बताकर एक बार फिर विवादों में घिर गए है। एक स्थानीय पत्रिका 'ओजस्विनी' की ओर से आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए गडकरी ने साइकॉलजी के आधार पर बुद्धि नापने का पैमाना 'इंटेलिजेंट कोसंट(आईक्यू)' का हवाला देते हुए कहा, 'यदि दाऊद और विवेकानंद के आईक्यू को देखा जाए, तो एक समान पाई जाती। लेकिन एक ने इसका उपयोग गुनाह के लिए किया और दूसरे ने समाज के लिए।'
कांग्रेस ने गडकरी से इस बयान पर माफी मांगने के लिए कहा है। कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने कहा, 'स्वामी विवेकानंद और दाऊद का आईक्यू एक जैसा है.. मोदी और उनके समर्थकों की इस पर क्या राय है?'
गडकरी ने कहा कि आईक्यू के बल पर नारी शक्ति ने अवसर मिलने पर खुद को श्रेष्ठ साबित किया है, लेकिन लंबे समय से समाज में धर्म, जाति, भाषा, लिंग आदि के आधार पर भेदभाव होता रहा है,यह समाप्त करना होगा। विवेकानंद का उदाहरण देते हुए गडकरी ने कहा कि 21वीं सदी भारत की सदी होगी। उन्होंने कहा कि अठारहवीं सदी मुगलों, उन्नीसवीं सदी ब्रिटेन साम्राज्यवादी और बीसवीं सदी अमेरिका के उत्थान की थी, उसी प्रकार इस बात में कोई संदेह नहीं है कि इक्कीसवीं सदी भारत की होगी और इसमें महिलाओं की क्षमताओं को उल्लेखनीय योगदान होगा।
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