जाने-माने वकील और भारतीय जनता पार्टी के नेता महेश जेठमलानी ने पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी से इस्तीफ़ा दे दिया है. उन्होंने पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी को लिखे पत्र में कहा कि जब तक वे बीजेपी अध्यक्ष हैं उनके लिए नैतिक रूप से कार्यकारिणी में बने रहना गलत है. महेश जेठमलानी जाने माने वकील और बीजेपी के राज्यसभा सांसद राम जेठमलानी के पुत्र हैं. राम जेठमलानी भी गडकरी को दोबारा अध्यक्ष बनाने का विरोध कर चुके है.
राष्ट्रीय कार्यकारिणी से अपना अपना इस्तीफा सौंपते हुए जेठमलानी ने कहा, "मैं बीजेपी और आरएसएस के बारे में नहीं बोलता. मैं निजी तौर पर कहना चाहता हूं कि नितिन गडकरी के नेतृत्व में मेरे लिए राष्ट्रीय कार्यकारिणी में बने रहना मुमकिन नहीं है." जेठमलानी ने कहा कि नितिन गडकरी पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों का वह बचाव नहीं कर पा रहे हैं. बीजेपी के प्रवक्ता राजीव प्रताप रुडी ने कहा कि यह बहुत ही दुख की बात है कि जेठमलानी का पत्र मीडिया में आ गया है.
बीजेपी अध्यक्ष नितिन गडकरी ने रामकृष्ण मिशन के संस्थापक स्वामी विवेकानंद की तुलना अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम से की है. गडकरी ने कहा है कि दोनों की बौद्धिक क्षमता एक रही होगी लेकिन स्वामी विवेकानंद ने अपनी सोचने की क्षमता का इस्तेमाल राष्ट्र निर्माण के लिए किया, जबकि दाऊद ने जुर्म का रास्ता अपनाया.
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