बिहार राज्य मानवाधिकार आयोग ने रोहतास जिला मुख्यालय स्थित सासाराम जेल में बंद विचाराधीन कैदी नरेश महतो की इलाज के अभाव में मौत मामले में गृह (विशेष) विभाग के सचिव को मृतक की पत्नी तेतरी देवी को मुआवजे के तौर पर दो लाख रुपये दिए जाने का आज निर्देश दिया।
बिहार राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष सह न्यायधीश एस एन झा ने सासाराम जेल में बंद विचाराधीन कैदी नरेश महतो की इलाज के अभाव में 24 मई 2000 को हुई मौत मामले में गृह (विशेष) विभाग के सचिव को मृतक की पत्नी तेतरी देवी को मुआवजे के तौर पर दो लाख रुपये दिए जाने का आज निर्देश दिया।
महतो की पत्नी ने आरोप लगाया था कि उनके बीमार पति की मौत जेल प्रशासन की इलाज में बरती गयी लापरवाही के कारण हुई।
हत्या के एक मामले में गिरफ्तार नरेश महतो को सात सितंबर 1998 को सासाराम जेल में बंद किया गया था, जिसके बाद मानसिक संतुलन खो चुके महतो को इलाज के लिए नौ नवंबर 1998 को रांची स्थित कांके अस्पताल भेजा गया था जहां उनका सात जुलाई 1999 तक इलाज चला और उसके बाद उन्हें पुन: सासाराम जेल भेज दिया गया। जेल के भीतर महतो की स्थिति बिगड़ने पर 19 मई 2000 को बेहतर इलाज के लिए जिला सदर अस्पताल भेजा गया पर सिविल सर्जन ने उन्हें वहां भर्ती नहीं किया, बल्कि महतो की जांच एक मेडिकल बोर्ड से कराए जाने का सुझाव दिया।
जेल अधीक्षक ने महतो के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए सिविल सर्जन से 20 मई 2000 को मेडिकल बोर्ड गठन किए जाने का अनुरोध किया पर 24 मई 2000 को उनकी स्थिति बिगड़ने पर महतो को इलाज के लिए जिला सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया पर इलाज के दौरान उसी दिन वहां उनकी मौत हो गयी। आयोग ने महतो की मामले में गृह (विशेष) विभाग के सचिव को मृतक की पत्नी तेतरी देवी को मुआवजे के तौर पर छह सप्ताह के भीतर दो लाख रुपये दिए जाने का आज निर्देश दिया।
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