अधिकार रैली नीतीश कुमार का चुनावी शिगूफा है। जनता के साथ किए वायदों को निभाने में विफल बिहार सरकार लोगों का ध्यान बांटने की कोशिश कर रही है। अब भाजपा-जदयू में तलाक के साथ ही नीतीश राज की विदाई तय है। अधिकार रैली में पानी की तरह पैसा बहाया गया, फिर भी रैली विफल रही। बुधवार को राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद कटिहार में परिवर्तन रैली को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा, बिहार में मुसलमानों को आतंकी बता दूसरे राज्यों की पुलिस पकड़ कर ले जाती है और मुख्यमंत्री हाथ पर हाथ धरे बैठे रह जाते हैं। नीतीश राज में गर्भाशय घोटाला किया गया। रुपये का बंदरबांट करने के लिए मर्दो का भी गर्भाशय निकाला गया। दलितों को वायदे के अनुरूप जमीन नहीं दी गई। शराब खुलेआम बेची जा रही है, शिक्षा को चौपट कर दिया गया है। उन्होंने अपने शासनकाल का हवाला देते हुए कहा,तब तंत्र पर लोक हावी था, अब सुशासन का दावा करने वाली सरकार में लोक पर तंत्र हावी है।
प्रदेश में पंचायती राज के प्रतिनिधियों को उनका अधिकार नहीं मिल रहा है। राज्य में एक भी उद्योग-धंधा नहीं लगा। अब नीतीश का बिहार को विकसित राज्य बनाने का सपना विशेष राज्य के दर्जे की मांग में बदल गया। लालू बोले, राजद की परिवर्तन यात्रा बड़े संघर्ष की तैयारी है। जनता की ताकत से आगामी चुनाव में राजग को पटखनी देंगे। बिहार में अब सीएम थोपा नहीं जाएगा, चुनाव बाद मुख्यमंत्री का चयन विधायक करेंगे। राजद में तस्लीमुद्दीन की वापसी को उन्होंने घर आने जैसा बताते हुए कहा कि अब नेताओं की वापसी ठोकबजा कर की जाएगी। इस दौरान उन्होंने प्रेस की आजादी के लिए संघर्ष करने और सूबे में शिक्षकों के साथ हो रही हिंसक कार्रवाई की आलोचना की। उन्होंने कहा, उनकी सरकार बनी तो सभी शिक्षक नियमित किए जाएंगे।

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