समाजसेवी अन्ना हजारे ने गुरुवार को कहा कि हो सकता है कि इंडिया अगेंस्ट करप्शन (आईएसी) के सदस्य अरविंद केजरीवाल कभी अमीर नहीं बनना चाहते हों लेकिन ऐसा नहीं है कि वह सत्ता लोभ से बचे रह सकें। अन्ना ने समाचार चैनल एनडीटीवी को दिए साक्षात्कार में कहा, "केजरीवाल में त्याग की भावना है। वह जितना देश और समाज के बारे में सोचते हैं उतना अपने परिवार के बारे में नहीं सोचते। उनके अंदर धन की लालसा नहीं है लेकिन राजनीति में आने से नए तरह का लालच उनके सामने खड़ा हो सकता है..मेरा मलतब यह है कि वह खुद से मंत्री नहीं बन सकते।"
यह पूछे जाने पर कि क्या केजरीवाल सत्ता लोभी हो सकते हैं, अन्ना ने कहा, "यह सम्भव है लेकिन उनके अंदर कोई किसी तरह का लालच नहीं है।" केजरीवाल द्वारा हाल ही में विभिन्न राजनेताओं के खिलाफ भ्रष्टाचार के खुलासे किए जाने का हवाला देते हुए अन्ना ने कहा कि केजरीवाल को आरोपों को एक-एक करके सामने लाना चाहिए और हर एक आरोप को निष्कर्ष तक पहुंचाना चाहिए। उनके लिए एक के बाद एक सभी राजनेताओं को कठघरे में खड़ा करना ठीक नहीं।
अन्ना ने कहा, "आप एक ही समय पर हर किसी को नहीं पकड़ सकते। आपको हर किसी को एक-एक करके निशाने पर लेना चाहिए। मैंने छह मंत्रियों को इस्तीफा देने पर मजबूर किया और यह सब रणनीति के तहत हुआ। केजरीवाल को भी ऐसा ही करना चाहिए।" अन्ना ने केजरीवाल द्वारा राजनीतिक पार्टी बनाने की घोषणा के बाद उनका साथ छोड़ा था। जब अन्ना ने जनलोकपाल विधेयक को लेकर सरकार के खिलाफ मुहिम शुरू की थी, तब केजरीवाल उनके सबसे सक्रिय सहयोगी थे।
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