बिहार के 250 की आबादी वाले सभी 1.41 लाख बसावट को पांच वर्षो के अंदर बारहमासी पक्की सड़क से जोड़ने संबंधी मुख्यमंत्री ग्राम सम्पर्क योजना शुरू करने की घोषणा की है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी सरकार के सात वर्ष का कार्यकाल पूरा होने पर कामकाज का लेखाजोखा से संबंधित रिपोर्ट कार्ड जारी करते हुए 250 की आबादी वाले सभी 1.41 लाख बसावट को पांच वर्षो के अंदर बारहमासी पक्की सड़क से जोड़ने संबंधी मुख्यमंत्री ग्राम सम्पर्क योजना शुरू करने की घोषणा की है. पांच वर्षो में इस योजना के तहत 34,116 किलोमीटर सड़कें बनेंगी और कुल 23,881 करोड़ रुपये खर्च होंगे. जनवरी-13 से योजना का कार्यारंभ होगा और चालू वित्तीय वर्ष में 5100 किलोमीटर सड़कें बनेंगी.
नीतीश कुमार ने नयी योजना शुरू करने की घोषणा के साथ कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 500 से 1000 की आबादी वाले जो गांव पक्की सड़क से वंचित रह गये हैं उन्हें भी मुख्यमंत्री ग्राम सम्पर्क योजना से जोड़ा जायेगा. उन्होंने कहा कि नयी योजना की स्वीकृति दिये जाने के पहले ग्रामीण कार्य विभाग द्वारा 250 की बसावट का राज्यव्यापी सर्वे करने के साथ कोर नेटवर्क तैयार किया गया है. इस योजना में सड़कों के नाम शामिल करने के संबंध में जनप्रतिनिधियों से व्यापक विमर्श किया गया है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले वर्ष 5100 किलोमीटर, दूसरे वर्ष 8530 किलोमीटर, तीसरे वर्ष 8530 किलोमीटर, चौथे वर्ष 6820 किलोमीटर और पांचवें वर्ष 5136 किलोमीटर सड़क निर्माण की योजना है. उन्होंने कहा कि सुशासन के कार्यक्रम और कृषि रोड मैप के तहत भी 250 की बसावट को बारहमासी पक्की सड़क से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है. इसी के मद्देनजर ग्रामीण कार्य विभाग ने नयी योजना को मूर्त रूप देने की तैयारी की है. नयी योजना का कार्यारंभ जनवरी से होगा और इसके पहले डीपीआर की तकनीकी व प्रशासनिक स्वीकृति की औपचारिकता पूरी कर ली जायेगी. पूरे प्रदेश में पांच वर्षो में चरणबद्ध इस योजना के पूर्ण हो जाने पर गांवों की तस्वीर बदल जायेगी. सभी गांवों का पक्की सड़क से सीधे सम्पर्क होने पर गांवों तक विकास योजनाओं का विस्तार होगा. सभी गांव एक-दूसरे से जुड़ जायेंगे. उन्होंने कहा कि इस बार के कार्यकाल में प्रदेश की पूरी आबादी को सड़क और बिजली सुलभ कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल है.
.jpg)
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें